'दिल्ली ने जम्मू-कश्मीर के विलय की शर्तों का निरादर किया'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी प्रधान एवं पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दिल्ली पर आरोप लगाया है कि उसने जम्मू-कश्मीर के भारत में विलय की शर्तों का निरादर किया है।
श्रीनगर में बुधवार को नेकां नेता शेख नजीर अहमद की पहली पुण्यतिथि पर नेकां मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उमर अब्दुल्ला ने कहा कि राज्य की स्वायत्तता को कमजोर कर विश्वास को तोड़ने का काम किया गया है।
उन्होंने कहा, नई दिल्ली को विलय की शर्तों का पूरा सम्मान करना चाहिए और राज्य स्वायत्तता को पूरी तरह से बहाल करना चाहिए, ताकि रियासत के लोगों का विश्वास बहाल हो सकें।
उमर ने कहा दिल्ली रियासत के लोगों से चाहती है कि वह विलय का पूरा आदर करें, लेकिन खुद वह ही विलय की शर्तों का उल्लंघन करने से कोई परहेज नहीं करती है।
पीडीपी-भाजपा गठबंधन से राज्यपाल शासन से लोग खुश
उन्होंने कहा कि नेशनल कांफ्रेंस रियासत की स्वायत्तता को बहाल करवाने के लिए राजनीतिक संघर्ष जारी रखेगी। रियासत का झंडा हमारा गौरव है और यह रियासत के तीनों क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करता है। रियासत के झंडे की सुरक्षा खून से भी करनी पड़ी तो करेंगे।
पीडीपी को आड़े हाथों लेते हुए उमर ने कहा कि महबूबा मुफ्ती का बयान सही है। वह रियासत की अगुवाई करने के लिए सक्षम नहीं है।
उन्होंने कहा, महबूबा ठीक कहती हैं कि वह सक्षम नहीं हैं। उन्होंने कहा पीडीपी-भाजपा गठबंधन पर डटे हैं, तो फिर सरकार गठन में देरी पर आश्चर्य होता है।
रियासत के लोग राज्यपाल शासन में पीडीपी-भाजपा सरकार से ज्यादा खुश हैं। पीडीपी कार्यकर्ताओं को छोड़ और कोई पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार को दोबारा नहीं चाहता।