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हमारे जैसी बचपन की मस्ती अब कहां: मुख्यमंत्री

Wed, 23 Jul 2014 02:41 AM IST
Updated Wed, 23 Jul 2014 02:41 AM IST
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omar abdullah says no fun for childrens now

बच्चों के बालपन के खो जाने को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियां ही उन्हें इससे दूर ले गई हैं। बच्चों पर शिक्षा का अधिक बोझ इसका मुख्य कारण है, जिससे बच्चे बचपन काअधिकार ही भूल गए हैं।

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मंगलवार को लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय अकादमी तथा राज्य सरकार के एक संयुक्त कार्यक्रम में बोलते हुए उमर ने बच्चों के बचपन के खो जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज का बालक हमारे जमाने जैसी मौत मस्ती से काफी दूर चला गया है।
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बचपन के दिनों की यादों को ताजा करते हुए उन्होंने कहा उन दिनों बच्चों में जो बचकानी शरारतें देखने को मिलती थी वो आज नहीं है।

किताबों के बोझ तले दबा बचपन

omar abdullah says no fun for childrens now

इसका मुख्य कारण उन्होंने उनपर शिक्षा का अधिक बोझ लाद देना बताया।  इस बोझ तले उनका बचपन भी दब कर रह गया है। उनको किताबों से फुर्सत कहां जो वह सुनहरे पलों का आनंद ले सकें।

उमर ने जम्मू-कश्मीर राज्य में आतंकवाद को भी इसका एक कारण बताया। उनका कहना था कि सुरक्षा की स्थिति ऐसी हो चली है कि हिंसा की चपेट में सब खो गया है।

उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या का जिक्र भी अपने भाषण में किया। उन्होंने इसको मानवता के लिए ऐसा पाप करार दिया जिससे समाज का भविष्य तबाही के कगार पर आ गया है। इस कुरीति का मुकाबला मिलकर करने का नसीहत भी उन्होंने इस मौके पर दी।

महिलाओं की सुरक्षा प्राथमिकता पर

omar abdullah says no fun for childrens now

उन्होंने कहा कि इस विषय पर वह पहले भी बहुत कह चुके हैं लेकिन जरूरत इस बात की है कि यह अकेले सरकार के वश की बात नहीं है। सरकार और समाज को मिलकर इसके खिलाफ मोर्चा खोलना होगा। लोगों को जागरूक करना होगा।

उमर ने सरकार द्वारा महिलाओं तथा बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र भी किया। उनका कहना था कि महिलाओं तथा बच्चों की सुरक्षा तथा उनके अधिकारों की रक्षा करना सरकार की हमेशा ही प्राथमिकता रही है।

उनके लिए कई योजनाएं भी राज्य में लागू की गई। महिलाओं में सुरक्षा की भावना जागृत करने के लिए उनको सशक्त बनाने की जरूरत पर भी मुख्यमंत्री ने जोर दिया।

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