सेना के काम में कोई दखल नहीं, चलता रहेगा ऑपरेशन : सेना प्रमुख विपिन रावत
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सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने बुधवार को कहा कि हमारे काम में न तो कभी राजनीतिक हस्तक्षेप होता है और न ही हम पर किसी तरह की रोक लगाई जाती है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन के कारण आतंकियों और उनके मददगारों के खिलाफ सेना के ऑपरेशन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
इससे पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मंजूरी मिलने के बाद राज्य में छह महीने के लिए राज्यपाल शासन लागू कर दिया गया और विधानसभा को निलंबित कर दिया गया। गवर्नर एनएन वोरा के 10 साल के कार्यकाल में यह चौथा मौका है जब राज्य को राज्यपाल शासन के हवाले किया गया है। राज्यपाल शासन लगाए जाने के बाद गवर्नर वोरा ने श्रीनगर में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठकों में सुरक्षा हालात की समीक्षा की।
दिल्ली में सेना प्रमुख ने कहा कि सूबे में पहले से ऑपरेशन चल रहे थे। बीच में रमजान के महीने में आतंकियों और अलगाववादियों के खिलाफ कार्रवाई को रोक दिया गया था क्योंकि हम चाहते थे कि राज्य के लोग इस पवित्र महीने में बिना किसी परेशानी के इबादत कर सकें। इसके बावजूद, आतंकियों ने अपनी नापाक हरकतें जारी रखीं। यही वजह है कि ऑपरेशन पर रोक हटाते हुए दोबारा कार्रवाई शुरू करने का फैसला किया गया। इसके बाद सेना ने पहले की तरह एक्शन लेना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सुरक्षा बलों के नियम बहुत सख्त हैं और कोई भी एक्शन उसी के अनुसार लिया जाता है।
शहीद औरंगजेब प्रेरणा के स्रोत : रक्षा मंत्री
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण बुधवार को जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में शहीद औरंगजेब के गांव पहुंचीं और उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने वहां कहा कि उनके लिए एवं पूरे देश के लिए शहीद औरंगजेब प्रेरणा के स्रोत हैं और वे यहां से यही संदेश लेकर जा रही हैं।
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