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RTI से लेकर मंत्रियों के निर्देशों तक ठेंगा
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sat, 13 Jun 2015 11:23 PM IST
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सूचना के अधिकार के अंतर्गत बागवानी विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (पीएंडएम) डिवीजन जम्मू की ओर से अलाट किए गए कार्यों की जानकारी हासिल करने के लिए सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत आवेदनों के बावजूद पिछले चार महीनों से कोई सूचना मुहैया नहीं करवाई जा रही है।
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कांग्रेस के प्रदेश आयोजक सचिव एवं ठेकेदार नीरज गुप्ता का कहना है कि एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (पीएंडएम) डिवीजन जम्मू ने टेंडरिंग प्रक्रिया को दरकिनार कर करोड़ों की राशि के काम विभागीय स्तर पर करवा दिए हैं और ठेके अपने चहेतों को दिया जाता है। इस संबंध में सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगें जाने पर भी उन्हें मुहैया नहीं करवाई जा रही है।
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मसले की गंभीरता को देखते हुए बागवानी मंत्री अब्दुल रहमान वीरी और वन मंत्री बाली भगत से भी मुलाकात की गई। उन्होंने आश्वासन दिया और इस मामले में पुख्ता जांच करवाने के आश्वासन भी दिए, लेकिन आज तक मामले पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
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उनका कहना है कि टेंडरिंग प्रक्रिया के नियमों का पालन न करते हुए एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ने कोलकाता में करोड़ों की राशि से बन रहे जम्मू कश्मीर के किसान घर का ठेका अपने भ्रष्ट तरीकोें का इस्तेमाल करते हुए अपने चहेतों को दिया। इसके अलावा उधमपुर में सेरीकल्चर विभाग के कोकून शेड का निर्माण कार्य भी बिना टेंडर जारी किए विभागीय स्तर पर करवाना शुरू कर दिया है।
ऐसे निर्माण कार्य की फेहरिस्त काफी लंबी है। अन्य ठेकेदार नीरज गुप्ता का कहना है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि ऐसा न होने पर सड़क पर उतरने के अलावा दूसरा कोई विकल्प शेष नहीं रहेगा।