भाजपा से गठबंधन पर उमर अब्दुल्ला ने दिया बड़ा बयान
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पूर्व मुख्यमंत्री तथा नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि भाजपा के साथ गठबंधन किसी भी सूरत में नहीं होगा। वे राज्य तथा यहां के लोगों के सम्मान से समझौता करने के बजाय राजनीति से संन्यास लेना पसंद करेंगे। वे शोपियां में सभा को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि पीडीपी ने भाजपा के आगे अपने आपको गिरवी रख दिया है। पीडीपी ने उसके साथ गठबंधन किया जिसने हमारे झंडे का नामोनिशान मिटाने की कोशिश की।
राज्य के विशेष दर्जे को खत्म करने का प्रयास किया और उन्हें संरक्षण देने का प्रयास किया जिसने लोगों को उनके खान पान के आधार पर सताया।
भाजपा ने गठबंधन का इस्तेमाल ध्रुवीकरण की राजनीति को सर्टिफिकेट देने के उद्देश्य से किया। सच्चाई तो यह है कि पीडीपी ने सत्ता की खातिर राज्य के लोगों के राजनीतिक अधिकारों तथा हितों का भाजपा के साथ सौदा कर दिया। जबकि भाजपा तथा आरएसएस की ओर से अल्पसंख्यकों के खिलाफ लगातार विषवमन किया गया।
'सरकार बनाने की मांगे क्या हैं यह बताएं महबूबा'
उन्होंने कहा कि पीडीपी एक बार फिर भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाने का प्रयास कर रही है। महबूबा ने कहा था कि दस माह की सरकार में रियासत की जनता को लाभ नहीं मिल पाया।
यदि जनता को कोई लाभ नहीं हुआ तो गठबंधन के असल लाभार्थी कौन हैं और क्यों पीडीपी अब तक भाजपा के साथ गठबंधन बनाए हुए है। महबूबा मुफ्ती ने गठबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम की समस्याओं के लिए महबूबा तथा उनकी पार्टी जिम्मेदार है। लोग एलओसी तक जाने की कोशिशें कर रहे हैं। बाढ़ पीड़ितों को लावारिस हालात में छोड़ दिया गया है।
उन्होंने कहा कि महबूबा मुफ्ती को खुलकर सामने आना चाहिए कि सरकार गठन के लिए उन्होंने केंद्र सरकार के समक्ष क्या शर्तें और मांगें रखी हैं। यहां तक कि भाजपा को भी पता नहीं है कि महबूबा की मांग क्या है।