फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   news story on drugs ediction

बड़े घरों की बेटियों तक पहुंचा नशे का कारोबार

Fri, 06 Mar 2015 10:30 AM IST
Updated Fri, 06 Mar 2015 10:30 AM IST
विज्ञापन
news story on drugs ediction

शहर में नशे का कारोबार अब बेटियों तक पहुंच गया है। नशीली दवाइयों से शुरू हुई नशे की लत अब कोकीन, हेरोइन और ब्राउन शुगर तक पहुंच गई है। इसकी गिरफ्त में सबसे ज्यादा अधिक बड़े घरों की बेटियां आ रही हैं।

विज्ञापन


बाहरी राज्यों से चलने वाला कारोबार शहर के पाश इलाके को चपेट में ले रहा है। बाइक सवार गैंग इस कारोबार को चला रहा है, जो घरों तक सप्लाई कर रहा है। यह सब पुलिस की नाक तले ऐसा हो रहा है।
विज्ञापन


अब तक इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें बड़े घरों की बेटियों को नशे करते हुए पकड़ा गया। शहर के पाश इलाकों को निशाना इसलिए बनाया जा रहा है, क्योंकि यहां से मोटी कमाई हो जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पिछले दिनों से पुलिस ने इसे लेकर मुहिम शुरू की थी, जो रैलियों तक ही सीमित रह गई। दरअसल, बाइक से मादक पदार्थों की सप्लाई आसानी से हो जाती है। छोटे-छोटे रास्तों पर बाइक से आसानी से जाया जा है। य

दि किसी को भनक लग भी जाए तो भागने में आसानी भी है। पिछले दो महीनों में हेरोइन, ब्राउन शुगर और कोकीन की सप्लाई करते हुए 10 से अधिक लोगों को पकड़ा गया है।

इन सभी को बाइक पर ही पकड़ा गया। इनमें किश्तवाड़, श्रीनगर, अनंतनाग और बाहरी राज्यों के युवक शामिल हैं।

कहां-कहां फैला कारोबार

news story on drugs ediction

शहर के गांधी नगर, ज्यूल, छन्नी, सैनिक कालोनी, पुराने शहर, त्रिकुटा नगर, तालाब तिल्लो, जानीपुर इलाके में कोकीन और ब्राउन शुगर का कारोबार सबसे अधिक हो रहा है। सबसे अधिक प्रभावित इलाका गांधी नगर है। यहां बड़े घरों की बेटियां चलती गाडि़यों में सरेआम नशा करती देखी जा सकती हैं।

व्हाट्सएप पर भी ग्रुप
सभी इलाकों में बाइक सवार गैंग सक्रिय है, जो मोबाइल पर संपर्क कर सप्लाई कर रहा है। गैंग में बाहरी राज्यों के साथ डोडा, किश्तवाड़, श्रीनगर, शोपियां, अनंतनाग जैसे जिलों के युवक भी शामिल हैं। सप्लाई करने के लिए कई तरीके अपनाए जा रहे हैं। व्हाटसएप ग्रुप भी बनाए गए हैं। यहां पर सप्लाई के लिए बाकायदा कोडवर्ड रखे गए हैं। डबल, चिट्टा, छल्ली, माल, स्पेयर पार्ट आदि कोडवर्ड से नशे की आपूर्ति हो रही है।

चालान तक सीमित कार्रवाई
पुलिस की कार्रवाई सिर्फ आरोपियों को पकड़ कर चालान पेश करने तक सीमित है। चालान के बाद वह कोर्ट से जमानत लेकर छूट जाता है। इसके बाद फिर से वह इसी कारोबार में जुट जाता है। छह महीने में पुलिस ने 50 से अधिक लोगों को पकड़ा और कोर्ट में चालान पेश किया। सिर्फ एक मामले में ही पुलिस ने तह तक जाने की कोशिश की। यहां एक बाहरी राज्य के बड़े कारोबारी का नाम भी सामने आया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed