नई सरकार के समक्ष चुनौतियों का होगा अंबार
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एक मार्च रविवार को शपथ ग्रहण कर रही पीडीपी भाजपा गठबंधन सरकार के समक्ष चुनौतियों का अंबार होगा। आगे आने वाले समय में इस सरकार को प्रदेश के हित में कई अच्छे और कठोर कदम उठाने पड़गे।
बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास और क्षतिग्रस्त ढांचे को खड़ा करने के अलावा कर्मचारियों के मसलों के हल व जन आकांक्षाओं पर खरा उतरने के लिए मूलभूत सुविधाओं के अलावा विस्थापितों और रिफ्यूजियों के मामलों का हल करने के अलावा रियासत में शांति व्यवस्था को बहाल रखने जैसी कई चुनौतियां रहेगी।
रियासत में सितंबर 2014 में आई बाढ़ में कश्मीर के अलावा जम्मू संभाग में व्यापक नुकसान पहुंचा था। बाढ़ प्रभावितों के पुनर्वास और क्षतिग्रस्त ढांचे को दोबारा खड़ा करने के लिए हजारों करोड़ की राशि की दरकार है। ऐसे में नई सरकार के कुर्सी संभालते ही उस पर बाढ़ प्रभावितों के साथ न्याय करने की चुनौती भी रहेगी।
मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करना होगा
वहीं रियासत के साढ़े चार लाख के करीब सरकारी मुलाजिम पिछले एक साल से बिना डीए के है। इसके अलावा हजारों अस्थायी कर्मचारी आए दिन नियमित करने के लिए सड़कों पर उतरते है।
उन सभी की मांगों का हल करना भी सरकार के लिए चुनौती रहेगा। मूल भूत सुविधाओं जिसमें बिजली, पानी, सड़कों, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार करना भी बड़ी चुनौती रहेगी।
सबसे अहम विस्थापितों ओर रिफ्यूजियों के मसलों का हल करना और रियासत में शांति व्यवस्था को बनाए रखने की भी बड़ी चुनौती रहेगी।