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पांच दिनों में सुलझाया ओवैस हत्याकांड मामला

Tue, 19 Jan 2016 08:55 PM IST
Updated Tue, 19 Jan 2016 08:55 PM IST
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murder case solved in five days
मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के हुमहुमा रेलवे ट्रैक के करीब हुई ओवैस बशीर की हत्या की गुत्थी जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पांच दिनों के भीतर सुलझा दी। हत्या करने का आरोपी भी एक छात्र ही है, जो पुलिस के अनुसार एक समलैंगिक है।
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मामले में पुलिस ने हत्या के आरोपी सहित तीन अन्य को गिरफ्तार किया है।हत्याकांड को लेकर जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीआईजी (सेंट्रल कश्मीर रेंज) गुलाम हसन भट ने मंगलवार को बताया कि पीरबाग इलाके का रहने वाला ओवैस बशीर मलिक 12 जनवरी से लापता था।
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इसकी मिसिंग रिपोर्ट हुमहुमा पुलिस स्टेशन में 13 जनवरी को दर्ज की गई थी। 14 जनवरी की सुबह युवक का शव रेलवे ब्रिज हुमहुमा के करीब पाया गया।

फोन पर खुद को लड़की बता कर करता था बात

murder case solved in five days

इसके बाद प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया।डीआईजी ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि पिछले एक वर्ष से मृतक ओवैस बशीर मलिक बांडीपोरा के रहने वाले ईशान मजीद के संपर्क में था।

ईशान उसके साथ लड़की की आवाज में बात करता रहा और अपना नाम उसने उमैरा बताया था और कहा था कि वह वानबल नौगाम में रहती है, जबकि वह इस समय बरजुल्ला में रहता था।

जानकारी के अनुसार ईशान हुमहुमा के एसीएम कालेज में बीबीए का छात्र है और एक अच्छे घर से संबंध रखता है, लेकिन वह समलैंगिक है। भट ने यह भी बताया कि ईशान और ओवैस रात-रात भर बातें करते रहते थे। यहां तक कि ईशान (उमैरा) उसकी बहनों से भी कई बार बात करता था।

सबूत मिटाने को नाले में फेंके सिमकार्ड

murder case solved in five days

ईशान ने ओवैस की लाश को ट्रैक से नीचे खाई में धकेल दिया। इसके बाद खुद बांडीपोरा अपनी मासी के घर चला गया, जहां सबूतों को नष्ट करने की मंशा से दो सिमकार्ड नाले में फेंक दिए, जिससे वह ओवैस के साथ बात करता था। ईशान के पास सात सिमकार्ड थे।

पुलिस ने ईशान समेत तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है, जो जीआरपी में काम करते हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने 12 जनवरी को शव देखा और अपने आपको बचाने के उद्देश से शव को रेलवे ट्रैक से दूर जाकर फेंक दिया।

जीआरपी के इन कर्मियों में चाडोरा के मंजूर अहमद, हुमहुमा के मोहम्मद अयूब और खान साहिब के नूर मोहम्मद शामिल हैं।

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