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Jammu News: बहुभाषी लघु कथा महोत्सव ... चौथे और 5वें दिन पंजाबी व पहाड़ी कथाएं पढ़ीं
Tue, 22 Aug 2023 01:50 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Tue, 22 Aug 2023 01:50 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। जम्मू-कश्मीर कला, संस्कृति और भाषा अकादमी परिसर में सात दिवसीय बहुभाषी लघु कथा महोत्सव के चौथे और 5वें दिन पंजाबी और पहाड़ी लेखकों ने लघु कथाएं प्रस्तुत कीं। चौथे दिन पंजाबी के उभरते युवा सहित प्रमुख लेखकों द्वारा नौ कहानियां पढ़ी गईं। उद्घाटन सत्र में जसमीत सिंह ने कहानी खानबदोश, मंजीत सिंह कामरा ने अनटाइटल्ड, अमरजीत कौर नीर ने वापसी, प्रो. अनमोल सिंह ने महिला दिवस और अंतरजीत कौर ने कहानी लाला प्रस्तुत की। दूसरे सत्र में डॉ. मोनोजीत ने मुक्ति, सुरिंदर कौर नीर ने राम सुनेही, जंग सिंह वर्मन ने फंबा और डॉ. बलजीत सिंह रैना ने कहानी पासवर्ड सुनाई।
पांचवें दिन पहाड़ी लघु कथाएं प्रस्तुत हुईं। डोगरी लेखक अनिल सहगल मुख्यातिथि रहे, जबकि वयोवृद्ध पहाड़ी लेखक शेख आजाद अहमद सम्मानित अतिथि रहे। सत्र की शुरुआत जेकेएएसीएल सचिव की ओर से सह सांस्कृतिक अधिकारी डॉ. शाहनवाज के स्वागत भाषण से हुई। जिन लेखकों ने कहानियां प्रस्तुत कीं उनमें शेख आजाद, गजनफर होकर, जावेद हकानी, अल्तफा जांजुआ, शमास उद्दीन, शेख जहूर, सलीम अख्तर, मोहम्मद फारूक शामिल थे।
महोत्सव में डोगरी, हिंदी, पंजाबी, गोजरी, पहाड़ी और कश्मीरी भाषाओं के लेखक लघु कथाएं प्रस्तुत करेंगे। जम्मू-कश्मीर के युवा नवोदित लेखकों के साथ-साथ वरिष्ठ लेखक भी शामिल हैं। 17 से शुरू कार्यक्रम 23 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह 10.30 बजे से जारी रहेगा। मंगलवार को कश्मीरी भाषा के लेखक प्रस्तुति देंगे।
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर कला, संस्कृति और भाषा अकादमी परिसर में सात दिवसीय बहुभाषी लघु कथा महोत्सव के चौथे और 5वें दिन पंजाबी और पहाड़ी लेखकों ने लघु कथाएं प्रस्तुत कीं। चौथे दिन पंजाबी के उभरते युवा सहित प्रमुख लेखकों द्वारा नौ कहानियां पढ़ी गईं। उद्घाटन सत्र में जसमीत सिंह ने कहानी खानबदोश, मंजीत सिंह कामरा ने अनटाइटल्ड, अमरजीत कौर नीर ने वापसी, प्रो. अनमोल सिंह ने महिला दिवस और अंतरजीत कौर ने कहानी लाला प्रस्तुत की। दूसरे सत्र में डॉ. मोनोजीत ने मुक्ति, सुरिंदर कौर नीर ने राम सुनेही, जंग सिंह वर्मन ने फंबा और डॉ. बलजीत सिंह रैना ने कहानी पासवर्ड सुनाई।
पांचवें दिन पहाड़ी लघु कथाएं प्रस्तुत हुईं। डोगरी लेखक अनिल सहगल मुख्यातिथि रहे, जबकि वयोवृद्ध पहाड़ी लेखक शेख आजाद अहमद सम्मानित अतिथि रहे। सत्र की शुरुआत जेकेएएसीएल सचिव की ओर से सह सांस्कृतिक अधिकारी डॉ. शाहनवाज के स्वागत भाषण से हुई। जिन लेखकों ने कहानियां प्रस्तुत कीं उनमें शेख आजाद, गजनफर होकर, जावेद हकानी, अल्तफा जांजुआ, शमास उद्दीन, शेख जहूर, सलीम अख्तर, मोहम्मद फारूक शामिल थे।
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महोत्सव में डोगरी, हिंदी, पंजाबी, गोजरी, पहाड़ी और कश्मीरी भाषाओं के लेखक लघु कथाएं प्रस्तुत करेंगे। जम्मू-कश्मीर के युवा नवोदित लेखकों के साथ-साथ वरिष्ठ लेखक भी शामिल हैं। 17 से शुरू कार्यक्रम 23 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह 10.30 बजे से जारी रहेगा। मंगलवार को कश्मीरी भाषा के लेखक प्रस्तुति देंगे।
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