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अमरनाथ यात्रा के साथ पहुंचेगा मानसून, आज 30-40 किमी की रफ्तार से हवाएं चलने के आसार

Thu, 16 May 2019 05:24 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: देव कश्यप Updated Thu, 16 May 2019 05:24 AM IST
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Monsoon 2019 reached Jammu when starts Amarnath yatra, Know today weather report
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

रियासत में अमरनाथ यात्रा के साथ मानसून के पहुंचने की उम्मीद है। जुलाई के पहले हफ्ते मानसून दस्तक दे सकता है। यात्रा के लिए मानसून चुनौती रहता है। पारंपरिक बालटाल और पहलगाम ट्रैक पर कई बार मौसम खराब रहने से यात्रा में खलल पड़ा है। हालांकि मौसम की स्टीक जानकारी लेने के लिए यात्रा के दौरान अत्याधुनिक मौसम यंत्र स्थापित किए जाएंगे।  मौसम विभाग श्रीनगर के निदेशक सोनम लोट्स के अनुसार अभी तक मौसम ठीक बना हुआ है, जिससे उम्मीद है कि तय समय जुलाई में ही मानसून पहुंच जाएगा। 

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राज्य में अमूमन जून के आखिरी और जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून पहुंचता रहा है। जम्मू-कश्मीर से पहले मानसून देश के कई हिस्सों से होकर यहां पहुंचता है। जुलाई माह में अमूमन सबसे अधिक बारिश होती रही है। इसमें जम्मू संभाग के साथ कश्मीर प्रभावित रहा है। इस बीच बुधवार को जम्मू के कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी के साथ मौसम साफ रहा। लेकिन दिनभर हल्के बादल छाए रहने से तपिश का अधिक अहसास नहीं हुआ। जम्मू में दिन का तापमान सामान्य से 3.3 डिग्री गिरकर 33.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में दिनभर मौसम साफ रहने से शाम को बादलों का गरजना शुरू हो गया था। यहां दिन का तापमान 23.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 
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कब-कब राज्य में पहुंचा मानसून
2014 - 1 जुलाई
2015 - 24 जून
2016 - 21 जून
2017 - 3 जुलाई
2018 - 28 जून 
 

केरल से चलकर राज्य में पहुंचता है मानसून 

मौसम विभाग श्रीनगर के अनुसार रियासत में मानसून की साउथ वेस्ट विंड (हवाएं) वे आफ बंगाल और अरेवियन समंद्र से आती हैं। यह देश में केरल से दाखिल होकर धीरे धीरे जेएंडके तक पहुंचती हैं। जेएंडके में पहुंचकर यह विंड आगे पाकिस्तान के साथ लगते इलाकों से होती हुई हिमालय में जाकर रुक जाती हैं। राज्य में मानसून करीब 30 जून को पहुंचकर 15 सितंबर तक सक्रिय रहता है। मानसून की विंड को साउथ वेस्ट विंड भी कहा जाता है। पहले इसे ट्रेड विंड कहा जाता था। मानसून की हवाएं अपने साथ नमी लेकर चलती हैं। इसी तरह 15 सितंबर से केसपियन सी (समुद्र, सभी ईरान-इराक के पास), मेडिटेरियन सी और ब्लैक सी से वेस्टर्न डिस्टरवेंस की हवाएं चलती हैं जो जेएंडके में वेस्टर्न डिस्टरवेंस का काम करने के साथ मानसून की हवाओं से टकरा कर उन्हें वापस भेजती हैं। 

आज 30-40 किमी. रफ्तार से हवाएं चलने के आसार
मौसम विभाग श्रीनगर के अनुसार वीरवार को जम्मू और कश्मीर के कई इलाकों में बारिश के आसार हैं। इस दौरान दोनों संभागों के कई हिस्सों में 30-40 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है। आगामी दिनों में भी मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा। इसमें कश्मीर संभाग अधिक प्रभावित होगा।

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