पढ़िए, मोदी के आगामी रियासत के दौरे पर क्या बोले मुफ्ती
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मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगामी दौरा रियासत के इतिहास में टर्निंग प्वाइंट बनेगा। राज्य की जनता उनके दौरे को लेकर काफी आशान्वित है।
प्रधानमंत्री दूरदृष्टि रखते हैं और उनकी नजरें रियासत के समग्र विकास पर टिकी हुईं हैं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के 2003 के दौरे को को याद करते हुए कहा कि यह दौरा भी इतिहास को दोहराने जैसा ही होगा।
एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि राजनीति संभावनाओं की कला है। उन्होंने विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस तथा नेशनल कांफ्रेंस की ओर से सरकार बनाने के लिए दिए गए बिना शर्त समर्थन पर धन्यवाद देते हुए कहा कि दो महीने के विचार मंथन के बाद भाजपा के साथ जाने का फैसला किया। यह राज्य के तीनों खित्तों के लोगों के व्यापक हित को देखते हुए किया गया।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न उदाहरणों के साथ कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास तथा कनेक्टिविटी की दिशा में केंद्र सरकार ने दिल खोलकर रियासत की मदद की है। प्रधानमंत्री ने श्रीनगर-जम्मू नेशनल हाईवे को फोर लेन करने तथा रेलवे नेटवर्क के विस्तार में व्यक्तिगत रुचि लेते हुए हस्तक्षेप किया।
जम्मू-कश्मीर झेलता है तनाव का दंश
उन्होंने कहा कि वह मोदी से दो बार मिले हैं। इन मुलाकातों में ऐसा लगा कि वे वास्तव में यहां के लोगों के दिलों को जीतना चाहते हैं। शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को न्योता दिए जाने की सराहना करते हुए कहा कि भारत और पाकिस्तान को टकराव बंद करते हुए बातचीत शुरू करनी चाहिए।
दोनों देशों के बीच तनाव का सबसे अधिक दंश जम्मू-कश्मीर को झेलना पड़ता है। कहा कि यदि भारत को विश्व शक्ति के रूप में उभरकर सामने आना है तो उसे पाकिस्तान समेत अपने सभी पड़ोसी राष्ट्रों से रिश्ते मधुर रखने होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ में क्षतिग्रस्त ढांचे को पुर्नस्थापित करने, बाढ़ प्रभावितों के पुनर्वास तथा बाढ़ के खतरे से निजात के लिए केंद्र से डोगरीपोरा-वुलर फ्लड चैनल के निर्माण की अपेक्षा है। मुख्यमंत्री ने भारतीय संविधान के तहत राज्य को प्राप्त विशेष दर्जे का जिक्र करते हुए कहा कि एजेंडा आफ एलांयस भी इसे मान्यता देता है।
जम्मू- कश्मीर विधानसभा देश का सबसे शक्तिशाली विधानसभा है। कहा कि एजेंडा आफ एलांयस विभिन्न राजनीतिक विचारधारा के लोगों से बातचीत की इजाजत देता है। कहा कुछ लोग हैं जो प्रधानमंत्री के दौरे से पहले राज्य के शांतिपूर्ण माहौल को खराब करने की कोशिश कर सकते हैं।
2005 में जब क्रास एलओसी बस सेवा शुरू की गई थी तो टीआरसी श्रीनगर को जला दिया गया था ताकि भारत-पाकिस्तान के बीच विश्वास बहाली के प्रयासों को झटका दिया जा सके। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।