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जम्मू-कश्मीर के जख्मों पर मोदी ही लगा सकते हैं मरहम : महबूबा मुफ्ती
एजेंसी/श्रीनगर
Updated Tue, 21 Mar 2017 09:40 PM IST
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MEHBOOBA MUFTI
- फोटो : File Photo
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मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि रियासत के जख्मों पर सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही मरहम लगा सकते हैं। वे भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत शुरू कराने समेत बड़े फैसले लेने में सक्षम है।
यूपीए सरकार के प्रधानमंत्री रहे मनमोहन सिंह का जिक्र करते हुए महबूबा ने कहा, वर्तमान पीएम के समक्ष सिंह कहीं नहीं ठहरते। सिंह अपने पाकिस्तान में पुश्तैनी घर जाने की ख्वाहिश रखते थे लेकिन दस साल प्रधानमंत्री रहते हुए भी वे अपनी इस ख्वाहिश को पूरा नहीं कर सके। जबकि नरेंद्र मोदी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के रिश्तेदार की शादी में दिसंबर 2015 में लाहौर हो आए। अफसोस है कि उनके लाहौर दौरे के बाद पठानकोट, उड़ी और नगरोटा हमले हो गए।
महबूबा अपने भाई तसद्दुक मुफ्ती के लिए दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहीं थीं। उन्हाेंने कहा, बहुमत होने की स्थिति में भी सिर्फ नरेंद्र मोदी ही रियासत को हिंसा के भंवर से निकालने और भारत-पाक में संवाद शुरू कराने में सक्षम हैं। और कोई ऐसे फैसले नहीं ले सकता।
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यूपीए सरकार के प्रधानमंत्री रहे मनमोहन सिंह का जिक्र करते हुए महबूबा ने कहा, वर्तमान पीएम के समक्ष सिंह कहीं नहीं ठहरते। सिंह अपने पाकिस्तान में पुश्तैनी घर जाने की ख्वाहिश रखते थे लेकिन दस साल प्रधानमंत्री रहते हुए भी वे अपनी इस ख्वाहिश को पूरा नहीं कर सके। जबकि नरेंद्र मोदी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के रिश्तेदार की शादी में दिसंबर 2015 में लाहौर हो आए। अफसोस है कि उनके लाहौर दौरे के बाद पठानकोट, उड़ी और नगरोटा हमले हो गए।
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महबूबा अपने भाई तसद्दुक मुफ्ती के लिए दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहीं थीं। उन्हाेंने कहा, बहुमत होने की स्थिति में भी सिर्फ नरेंद्र मोदी ही रियासत को हिंसा के भंवर से निकालने और भारत-पाक में संवाद शुरू कराने में सक्षम हैं। और कोई ऐसे फैसले नहीं ले सकता।
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पीडीपी अध्यक्षा महबूबा मुफ्ती
- फोटो : Amar Ujala
महबूबा ने रियासत के शेष दुनिया से संपर्क बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा, एलओसी के उस पार रियासत के हिस्से में चीन पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपैक) तैयार किया जा रहा है। इससे चीन सीधा मध्य एशिया और दक्षिण एशिया से जुड़ेगा। मुफ्ती मोहम्मद सईद साहब भी इसी दृष्टिकोण से सोचते थे। उन्हाेंने जम्मू और कश्मीर दोनों संभागों से जुड़े पुराने रूट खोलने की वकालत की थी।
महबूबा ने कहा, 1947 के बाद से हमें मूर्ख बनाया जाता रहा। उक्त रूट खुले होते तो तरक्की के मामले में रियासत पूरे देश में अव्वल होती। रियासत में बिजली, पानी और सड़क के ही मुद्दे नहीं बल्कि कई मानवीय मुद्दे भी हैं। आज भारत-पाक सिंधु जल संधि पर बात कर रहे हैं, कल पुराने मार्ग खोलने पर बात होगी। यही सब मुद्दे भाजपा और पीडीपी के बीच एजेंडा आफ अलायंस का हिस्सा हैं।
महबूबा ने कहा, 1947 के बाद से हमें मूर्ख बनाया जाता रहा। उक्त रूट खुले होते तो तरक्की के मामले में रियासत पूरे देश में अव्वल होती। रियासत में बिजली, पानी और सड़क के ही मुद्दे नहीं बल्कि कई मानवीय मुद्दे भी हैं। आज भारत-पाक सिंधु जल संधि पर बात कर रहे हैं, कल पुराने मार्ग खोलने पर बात होगी। यही सब मुद्दे भाजपा और पीडीपी के बीच एजेंडा आफ अलायंस का हिस्सा हैं।