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श्रीनगर से दिल्ली लौटाए गए राहुल और अन्य नेता, केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
Sat, 24 Aug 2019 07:00 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Sat, 24 Aug 2019 07:00 PM IST
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राहुल गांधी और विपक्षी दल के नेता श्रीनगर से दिल्ली लौटाए गए
- फोटो : ANI
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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और कई अन्य विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेता शनिवार दोपहर कश्मीर में अनुच्छेद 370 के प्रमुख प्रावधानों को हटाए जाने के बाद वहां की स्थिति का जायजा लेने श्रीनगर पहुंचे थे, लेकिन प्रशासन ने सभी को श्रीनगर हवाई अड्डे पर ही रोक लिया और काफी हंगामे के बाद सभी को वापस दिल्ली लौटा दिया गया।
श्रीनगर से दिल्ली लौटते ही राहुल गांधी ने हवाई अड्डे पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि कुछ दिन पहले मुझे राज्यपाल ने जम्मू-कश्मीर की यात्रा के लिए आमंत्रित किया था। मैंने निमंत्रण स्वीकार कर लिया। हम यह जानना चाहते थे कि वहां मौजूद लोग किस स्थिति से गुजर रहे हैं, लेकिन हमें हवाई अड्डे से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। हमारे साथ प्रेस के लोगों को गुमराह किया गया, पीटा गया। यह स्पष्ट है कि जम्मू-कश्मीर में स्थिति सामान्य नहीं है।
वहीं गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हमें शहर में जाने की अनुमति नहीं दी गई, लेकिन जम्मू-कश्मीर में स्थिति भयावह है। हमारी फ्लाइट में मौजूद कश्मीर के यात्रियों से हमने जो कहानियां सुनीं, वह एक पत्थर के इंसान की आंखों में आंसू ला देगी।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता माजिद मेमन ने कहा कि हमारा मकसद कहीं जाने और गड़बड़ी पैदा करना नहीं था, हम सरकार के विरोध में नहीं जा रहे थे। उन्होंने कहा कि हम सरकार के समर्थन में जा रहे थे ताकि हम भी सुझाव दे सकें कि क्या किया जाना चाहिए।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा कि एक तरफ सरकार का कहना है कि स्थिति सामान्य है, दूसरी तरफ वे किसी को भी जाने की अनुमति नहीं देते हैं। आजाद ने सवाल उठाया कि अगर चीजें सामान्य हैं तो राजनीतिक नेताओं को नजरबंद क्यों है?
विपक्ष के प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस से राहुल गांधी, गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, माकपा से सीताराम येचुरी, भाकपा के डी. राजा, डीएमके के टी सिवा, राजद के मनोज झा और तृणमूल से दिनेश त्रिवेदी शामिल थे। शुक्रवार देर शाम वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने बैठक कर इस मुद्दे पर चर्चा की थी।
अनुच्छेद-370 खत्म होने के बाद सरकार ने किसी नेता को कश्मीर घाटी में आने की अनुमति नहीं दी है। पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती समेत क्षेत्रीय दलों के नेता भी नजरबंद हैं। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद को दो बार श्रीनगर और जम्मू एयरपोर्ट से वापस लौटाया गया है। डी राजा को भी श्रीनगर एयरपोर्ट से वापस भेज दिया गया था।
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श्रीनगर से दिल्ली लौटते ही राहुल गांधी ने हवाई अड्डे पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि कुछ दिन पहले मुझे राज्यपाल ने जम्मू-कश्मीर की यात्रा के लिए आमंत्रित किया था। मैंने निमंत्रण स्वीकार कर लिया। हम यह जानना चाहते थे कि वहां मौजूद लोग किस स्थिति से गुजर रहे हैं, लेकिन हमें हवाई अड्डे से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। हमारे साथ प्रेस के लोगों को गुमराह किया गया, पीटा गया। यह स्पष्ट है कि जम्मू-कश्मीर में स्थिति सामान्य नहीं है।
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Rahul Gandhi: Some days ago I was invited by Governor to visit J&K.I accepted the invitation. We wanted to get a sense of what ppl are going through, but we weren't allowed beyond the airport. Press ppl with us were mishandled,beaten. It's clear that situation in J&K isn't normal pic.twitter.com/1XKyaUcg06
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) August 24, 2019
वहीं गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हमें शहर में जाने की अनुमति नहीं दी गई, लेकिन जम्मू-कश्मीर में स्थिति भयावह है। हमारी फ्लाइट में मौजूद कश्मीर के यात्रियों से हमने जो कहानियां सुनीं, वह एक पत्थर के इंसान की आंखों में आंसू ला देगी।