Mirabai Chanu: कॉमनवेल्थ में स्वर्ण पदक जीतने वाली मीराबाई के कोच बोले- काम आई रणनीति
कोच ने कहा कि मीराबाई चानू का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है। हमारा पूरा फोकस स्वर्ण पदक पर था, जिसे रणनीति के तहत हमने साकार भी किया। कोच विजय शर्मा ने कहा कि सरकार और फेडरेशन के साथ मिलकर काम करने से भारोत्तोलन में हम पदक हासिल कर पा रहे हैं।
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ओलंपिक में रजत जीतने वाली मीराबाई चानू को कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण जिताने के लिए चानू के कोच की खास रणनीति काम आई। चानू के कोच और जम्मू निवासी विजय शर्मा ने बर्मिंघम कॉमनवेल्थ की तैयारी में चानू से स्नैच स्पर्धा में ज्यादा मेहनत करवाई। इसका नतीजा ये हुआ कि चानू ने अपने प्रदर्शन में सुधार कर देश को सोना जिता दिया।
जम्मू में अखनूर के टांडा गांव के रहने वाले विजय शर्मा ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि टोक्यो ओलंपिक की भारोत्तोलन स्पर्धा में चानू ने रजत पदक जीता था। स्नैच स्पर्धा में चानू कमजोर थी। इस बार तैयारी में उसी कमजोर कड़ी को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि मीराबाई चानू का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है। हमारा पूरा फोकस स्वर्ण पदक पर था, जिसे रणनीति के तहत हमने साकार भी किया। कोच विजय शर्मा ने कहा कि सरकार और फेडरेशन के साथ मिलकर काम करने से भारोत्तोलन में हम पदक हासिल कर पा रहे हैं।
ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों को ओलंपिक के लिए क्वालीवाई कराना लक्ष्य
मीराबाई चानू के साथ-साथ सरकार युवा खिलाड़ियों की तैयारी पर भी विशेष ध्यान दे रही है। कोच ने कहा कि कॉमनवेल्थ में पदक जीतने वाले खिलाड़ी अब ओलंपिक क्वालीफाइर में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि टोक्यो ओलंपिक में सिर्फ मीरा का चयन हुआ था, ऐसे में इस बार हमारा लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों को क्वालीफाई करवाना है। ओलंपिक तक चार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं होनी हैं, जिनमें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जम्मू में अकादमी के लिए नहीं मिल रही जमीन
मीराबाई चानू के कोच विजय शर्मा जम्मू में भारोत्तोलन अकादमी शुरू करना चाहते हैं। इसकी इच्छा उन्होंने टोक्यो ओलंपिक में पदक दिलाने के बाद भी जताई थी। अकादमी खोलने के लिए शहर में उनके पास जमीन नहीं है। विजय शर्मा का कहना है कि सरकार की तरफ से उन्हें सहयोग नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि जल्द जम्मू आकर अपने पैतृक गांव जाऊंगा। मुझे नहीं लगता सरकार अकादमी खोलने को लेकर इच्छुक है। सरकार से मदद नहीं मिली तो अपनी जमीन पर भी अकादमी स्थापित करूंगा। इसकी प्लानिंग कर रहा हूं और जल्द इस पर अमल भी करूंगा।