जानिए कौन था आतंकी ओसामा बिन जावेद जिसे सेना ने लगाया ठिकाने, हिजबुल कनेक्शन सहित कई खुलासे
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किश्तवाड़ जिले के रामबन के बटोत इलाके में मुठभेड़ में मारे गए तीनों आतंकियों ने ही किश्तवाड़ में हत्याओं और हथियार छीनने की वारदातों को अंजाम दिया था। सूत्रों की मानें तो इन वारदातों का मास्टर माइंड ओसामा बिन जावेद था, जबकि जाहिद और फारूक इन वारदातों में उसके साथ शामिल रहे।
वहीं, पुलिस ने इन्हीं वारदातों में शामिल होने के आरोप में पकड़े गए शबीर अहमद और मोहम्मद रफी निवासी पूछाल को चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत से चार दिन की रिमांड पर लिया है। इनसे पूछताछ के बाद आतंकियों के नेटवर्क से जुड़े और लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक बटोत में मारे गए तीनों आतंकियों ने ही पिछले वर्ष भाजपा नेता अनिल परिहार और उनके भाई अजीत परिहार की हत्या की थी। इसके बाद 8 मार्च को डीसी किश्तवाड़ के अंगरक्षक की राइफल छीनी। 9 अप्रैल को आरएसएस नेता चंद्रकांत शर्मा व उनके अंगरक्षक की हत्या कर उनका हथियार भी साथ ले गए।
आतंकी वारदातों के मास्टर माइंड ओसामा बिन जावेद के पिता शिक्षक रहे हैं
इसके बाद पीडीपी जिला प्रधान के अंगरक्षक से हथियार लूटने की वारदात में भी इन्हीं तीनों का हाथ था। उधर, आतंकी वारदातों की जांच में जुटीं सुरक्षा एजेंसियों ने दर्जनों लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। इसी दौरान पूछाल के रहने वाले शबीर अहमद और मोहम्मद रफी भी काबू में आ गए।
एक साल पहले ही बने थे आतंकी
किश्तवाड़ में आतंकी वारदातों के मास्टर माइंड ओसामा बिन जावेद के पिता शिक्षक रहे हैं। दहशतगर्द बनने के बाद उसने और लोगों को साथ जोड़कर आतंकी वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया। बटोत में मारे गए ओसामा सहित दो आतंकी सोंदर गांव के रहने वाले थे। ओसामा 2018 में हिजबुल से जुड़ा था। जाहिद ने एक नवंबर 2018 को आरएसएस नेता की हत्या की और हिजबुल का आतंकी बन गया। तीसरा आतंकी फारूक डोडा का रहने वाला था।