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किश्तवाड़ समेत पूरे जम्मू संभाग में आतंकवाद को दोबारा सिर नहीं उठाने देंगे: सेना
Sun, 14 Apr 2019 11:11 AM IST
Pranjal Dixit
रवि वर्मा, राजोरी
रवि वर्मा, राजोरी
Published by: Pranjal Dixit
Updated Sun, 14 Apr 2019 11:11 AM IST
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व्हाइट नाइट कोर (16 कोर) के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल परमजीत सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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व्हाइट नाइट कोर (16 कोर) के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल परमजीत सिंह ने कहा है कि सेना किश्तवाड़ समेत पूरे जम्मू क्षेत्र में आतंकवाद को दोबारा सिर नहीं उठाने देगी। हाल ही में किश्तवाड़ में घटी घटना चिंता का विषय है। जिस भी इलाके में आतंकवाद का सफाया किया जाता है वहां दुश्मन इसे फिर खड़ा करने की कोशिश करते हैं। लेकिन हम चुनौती के लिए तैयार है।
वह लोगों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि अगर उनका इरादा आतंकवाद को फिर से पैदा करने का है तो हम ऐसा होने नहीं देंगे। राजोरी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए जीओसी ने कहा कि सेना ने यह इलाका छोड़ा नहीं है क्योंकि दुश्मन एक बार फिर आतंकवाद को पैदा करने की कोशिश कर सकता है। जब तक हम एकजुट रहेंगे पाकिस्तान अपनी नापाक सोच पूरी नहीं कर सकता।
किश्तवाड़ में हुई आतंकी घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं। सेना और पुलिस इस संदर्भ में उचित कदम उठा रही है। किश्तवाड़ में हुई आतंकी घटनाओं के संबंध में एक संयुक्त रणनीति बनाई गई है। इसके तहत सेना, पुलिस और अन्य एजेंसियां आतंकवाद को खत्म करने में जुटी हैं। घटना के संदर्भ में कई लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि इस समय एक आपरेशन भी चल रहा है।
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ज्ञात हो कि करीब एक दशक पहले आतंकवाद मुक्त घोषित किया गया सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील किश्तवाड़ पिछले साल एक नवंबर को भाजपा के प्रदेश सचिव अनिल परिहार और उनके भाई अजीत परिहार की हत्या से दहल गया था। उसके बाद गत मंगलवार को आरएसएस के वरिष्ठ नेता चंद्रकांत शर्मा और उनके अंगरक्षक की हत्या कर दी गई। गत आठ मार्च को डीडीसी किश्तवाड़ के पीएसओ से आतंकियों ने हथियार लूट ली थी।
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वह लोगों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि अगर उनका इरादा आतंकवाद को फिर से पैदा करने का है तो हम ऐसा होने नहीं देंगे। राजोरी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए जीओसी ने कहा कि सेना ने यह इलाका छोड़ा नहीं है क्योंकि दुश्मन एक बार फिर आतंकवाद को पैदा करने की कोशिश कर सकता है। जब तक हम एकजुट रहेंगे पाकिस्तान अपनी नापाक सोच पूरी नहीं कर सकता।
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किश्तवाड़ में हुई आतंकी घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं। सेना और पुलिस इस संदर्भ में उचित कदम उठा रही है। किश्तवाड़ में हुई आतंकी घटनाओं के संबंध में एक संयुक्त रणनीति बनाई गई है। इसके तहत सेना, पुलिस और अन्य एजेंसियां आतंकवाद को खत्म करने में जुटी हैं। घटना के संदर्भ में कई लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि इस समय एक आपरेशन भी चल रहा है।
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ज्ञात हो कि करीब एक दशक पहले आतंकवाद मुक्त घोषित किया गया सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील किश्तवाड़ पिछले साल एक नवंबर को भाजपा के प्रदेश सचिव अनिल परिहार और उनके भाई अजीत परिहार की हत्या से दहल गया था। उसके बाद गत मंगलवार को आरएसएस के वरिष्ठ नेता चंद्रकांत शर्मा और उनके अंगरक्षक की हत्या कर दी गई। गत आठ मार्च को डीडीसी किश्तवाड़ के पीएसओ से आतंकियों ने हथियार लूट ली थी।