पीडीपी में होंगे संगठनात्मक बदलाव, अध्यक्ष पद की कमान एक बार फिर महबूबा मुफ्ती को मिलना तय
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पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी(पीडीपी) में संगठनात्मक चुनाव इसी महीने अंत तक होंगे। अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती का कार्यकाल जनवरी 2021 तक ही है। ऐसे में संगठनात्मक चुनाव पर पार्टी के अंदर चर्चाओं का दौर व आंतरिक राजनीति जोरशोर से जारी है। महबूबा मुफ्ती चुनाव के लिए पार्टी नेताओं से प्रतिदिन चर्चा कर रही हैं।
पार्टी सूूत्रों के अनुसार पीडीपी में अध्यक्ष पर तो इस बार भी महबूबा मुफ्ती का चुना जाना लगभग तय है। जहां तक अन्य अहम पदों का सवाल है तो उपाध्यक्ष, महासचिव, सचिव व अन्य पदों पर नए चेहरों को मौका दिया जाएगा। जम्मू संभाग में जिला विकास परिषद के चुनाव में पीडीपी को केवल एक सीट पर जीत हासिल हुई है।
ऐसे में पीडीपी जम्मू संभाग में मुस्लिम बहुल गिने जाने वाले जिलों राजोरी, पुंछ, डोडा, किश्तवाड़ और रामबन में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए इन क्षेत्रों के पार्टी नेताओं को पार्टी में अहम पद दे सकती है। वहीं पीडीपी का मुख्य आधार व जनाधार कश्मीर में ही है। ऐसे में कश्मीर में अपना जनाधार और बढ़ाने के लिए महबूबा मुफ्ती कश्मीर घाटी के सभी जिलों में अपनी इकाई को मजबूत करने के इरादे से जमीन से जुड़े नेताओं को पार्टी में अहम स्थान दे सकती हैं।
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उल्लेखनीय है कि जम्मू संभाग हो या कश्मीर पीडीपी के कई बड़े नेता पार्टी को छोड़ चुके हैं। अपनी पार्टी के संस्थापक अल्ताफ बुखारी ने पीडीपी छोड़ने के बाद ही नई पार्टी बनाई। इस पार्टी में पीडीपी के कई बड़े नेता चले गए। वहीं जम्मू संभाग से भी अपनी पार्टी में पीडीपी के कई नेता चले गए। कई नेता कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। ऐसे में पार्टी को फिर से खड़ा करने की चुनौती पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती पर है।
पिता की कब्र पर पहुंची महबूबा मुफ्ती
पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की पांचवीं बरसी पर गुरुवार को बिजबिहाड़ा में पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने मजार पर जाकर फातिहा ख्वानी की। इस मौके पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी मजार पर जाकर हाजिरी लगाई। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि अगर जम्मू कश्मीर को इस मुसीबत और खून खराबे से बाहर निकलना हैं तो मुफ्ती मोहम्मद सईद के रास्ते पर चलना होगा।
उन्होंने नारा दिया था कि ग्रेनेड से न गोली से, बात बनेगी बोली से। जम्मू-कश्मीर में शांति पैदा करनी है तो भारत-पाकिस्तान की आपस में बातचीत व दोस्ती से हल निकाला जा सकता है। इस मौके पर महबूबा की बेटी इल्तिजा मु्फ्ती भी मौजूद रहीं।