मेडिकल कालेजों के निर्माण से रियासत के नए कल की नींव रखेंगी महबूबा मुफ्ती
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जम्मू संभाग के डोडा और कठुआ में बनने जा रहे नए मेडिकल कालेजों (एमसी) के भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया का काम लगभग पूरा कर लिया गया है। दस जून को मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती सहित कैबिनेट के कई सदस्यों द्वारा इन दोनों कालेजों का नींव पत्थर रखना प्रस्तावित है। इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं।
नए मेडिकल कालेजों के साथ संबंधित जिला अस्पतालों को विकसित किया जाएगा। पांच नए मेडिकल कालेजों के निर्माण से रियासत में पांच सौ एमबीबीएस सीटों में इजाफा होगा। जिससे राज्य में डाक्टरों की कमी को दूर किया सकेगा।जिला राजोरी के मेडिकल कालेज के ढांचे पर पहले से ही काम किया जा रहा है।
डोडा मेडिकल कालेज में 160 भूमि अधिग्रहण पर काम लगभग पूरा कर लिया गया है। इसमें निजी भूमि भी अधिग्रहण की गई है। यहां मेडिकल कालेज की सड़क के लिए अलग से काम किया जा रहा है। इसी तरह कठुआ में 55 कनाल भूमि को स्वास्थ्य विभाग को स्थानांतरित किया गया है। यहां कुल 149 कनाल भूमि में निजी भूमि को अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
राजोरी में शुरू हो गए हैं निर्माण कार्य
वर्ष 2016 में बारामुला, अनंतनाग और राजोरी के मेडिकल कालेजों के निर्माण और संबंधित जिला अस्पतालों को विकसित करने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से पहली किश्त में 21 करोड़ रुपये की राशि जारी किए गए थे। राजोरी में 120 कनाल सरकारी भूमि को स्वास्थ्य विभाग को स्थानांतरित करके निर्माण कार्य शुरू किए गए हैं।
बारामुला और अनंतनाग मेडिकल कालेजों के निर्माण के लिए जेकेपीसीसी और राजोरी के लिए आरएंडबी विभाग को जिम्मेदारी दी गई है। इन कालेजों का मई 2016 में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने नींव पत्थर रखा था। मेडिकल कालेजों के लिए वर्ष 2014 में कवायद शुरू की गई थी। इसके लिए पांच जगहों की शिनाख्त की गई।
प्रति कालेज के निर्माण पर 189 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। इसमें 90/10 (केंद्र/राज्य सरकार) की वित्तीय हिस्सेदारी रहेगी। इसमें मेडिकल कालेजों के निर्माण पर 69 करोड़, हास्टल और स्टूडेंट/फैकल्टी के आवास के लिए 40 करोड़, टीचिंग/जिला अस्पताल के अपग्रेडेशन पर 30 करोड़ और मिशनरी व उपकरणों की खरीद के लिए 50 करोड़ रुपये खर्च करना प्रस्तावित है।