कश्मीरियों की नकारात्मक छवि न फैलाएं : महबूबा मुफ्ती
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मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कश्मीर के मौजूदा हालात पर चिंता जताते हुए कहा है कि राज्य को मुश्किल समय से बाहर लाने के लिए समाज के हर वर्ग के सामूहिक व सतर्क प्रयासों की जरूरत है। यह पहली बार नहीं है कि राज्य के लोगों ने कठिन समय देखा है, बल्कि अतीत में भी उन्होंने चुनौतियों का सामना किया है और इससे बाहर आए हैं।
अब भी जल्द ही इस स्थिति से बाहर निकलेंगे। उन्होंने कहा कि इस वक्त हमारे बच्चे जो रास्ता भटक गए हैं, कुछ को उकसाया भी जा रहा है, उन्हें रास्ते पर लाना होगा। कुछ लोग ही पत्थरबाजी करते हैं लेकिन सब एक जैसे नहीं है।
इलेक्ट्रानिक मीडिया ऐसी चीजें न दिखाए, जिससे रियासत के लोगों के खिलाफ देश में नफरत पैदा हो। बिगड़ रहे हालात के लिए उन्होंने इलेक्ट्रानिक मीडिया को जिम्मेदार ठहराते हुए चैनलों पर ऐसी बहस न दिखाने की अपील की, जिससे पूरे देश में कश्मीरियों की नकारात्मक छवि फैले।
6 माह बाद श्रीनगर में खुला सरकार का दरबार
छह माह के बाद सोमवार को श्रीनगर में सरकार का दरबार खुल गया। ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में दरबार खुलने के दौरान मुख्यमंत्री ने गार्ड आफ आनर लिया। इसके बाद पत्रकारों से बात करते हुए कश्मीरी युवाओं की जमकर तारीफ की। कहा कि जो भी परीक्षा राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होती हैं, हमारे छात्र उनमें अव्वल आते हैं।
खेलों में, रचनात्मक कार्यों में हमारे बच्चे पूरे मुल्क में अपना लोहा मनवा रहे हैं। कहा कि उन्होंने 1996 में वह दौर भी देखा है जब लोग घर से बाहर नहीं निकल सकते थे, चुनाव प्रचार करना तो दूर की बात थी। 1947 के बाद से यहां ऐसे हालात बनते रहेे हैं।
नेशनल कांफ्रेंस का नाम लिए बिना इशारा करते हुए कहा कि यहां 22 साल एक तहरीक की चली, लेकिन उसके बावजूद उस समय के बड़े नेता इंदिरा-शेख समझौता करने को मजबूर हो गए। इसके बाद फिर यहां हालात बिगड़े और आतंकवाद का दौर शुरू हो गया। वर्ष 1996 में हमने यहां एक नई शुरुआत की, लोग घरों से बाहर निकलने में भी डरते थे, लेकिन हमने घर-घर जाकर लोगों में विश्वास पैदा किया, राजनीतिक प्रक्रिया की बहाली शुरू की।
'जम्मू-कश्मीर मुल्क का ताज है, हमें इसकी हिफाजत करनी चाहिए'