जम्मू-कश्मीर: कुछ जिलों से अफस्पा हटाने पर विचार
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रियासत में नई सरकार के गठन पर एक महीने से भी अधिक समय से चल रहे गतिरोध के बीच बुधवार को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती से मुलाकात की। लगभग एक घंटे तक बंद कमरे में दोनों के बीच बातचीत हुई।
इसके बाद रात में ही राम माधव दिल्ली लौट गए। वे पार्टी हाईकमान को बातचीत का ब्योरा देंगे। भाजपा-पीडीपी में बुधवार को हुई इस पहली औपचारिक बैठक के बाद माना जा रहा है कि जल्द ही राज्य में सरकार गठन पर बना संशय समाप्त हो सकता है।
जानकारी के अनुसार शाम करीब 6:15 पर राम माधव विशेष विमान से श्रीनगर हवाई अड्डा पहुंचे। यहां से वह सीधे फेयरव्यू गुपकार स्थित पीडीपी अध्यक्ष महबूबा के घर गए। यहां 6:40 से 7:40 बजे तक दोनों के बीच वार्ता हुई।
एजेंडा आफ एलायंस तथा विश्वास बहाली के कदम पर बात हुई
हालांकि, बातचीत का ब्योरा सार्वजनिक नहीं हुआ है, लेकिन, सूत्रों का कहना है कि एजेंडा आफ एलायंस पर बातचीत के दौरान दो पावर प्रोजेक्टों की एनएचपीसी से वापसी, दो स्मार्ट सिटी की घोषणा पर चर्चा हुई। इसके साथ ही विश्वास बहाली के कदम के तहत अफस्पा (आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल पावर एक्ट) को हटाने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।
चर्चा के दौरान यह बात सामने आई कि जिन इलाकों में आतंकी गतिविधियां नहीं हैं वहां से इसे हटाया जाए। श्रीनगर और कठुआ से अफस्पा हटाने के मुद्दे पर चर्चा हुई। यह बातचीत भी हुई कि चरणबद्ध तरीके से प्रायोगिक तौर पर कुछ इलाकों से अफस्पा हटाकर उसका प्रभाव देखा जाए।
मुफ्ती के 07 जनवरी को निधन के बाद से भाजपा-पीडीपी गठबंधन के बीच सरकार को लेकर सहमति नहीं बन पाई है। इस माह की शुरुआत में भी सरकार गठन पर बातचीत हुई थी, लेकिन, फिर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
महबूबा ने किसी को नहीं रखा मध्यस्थ
रियासत में सरकार गठन पर भाजपा से बातचीत के लिए इस बार पीडीपी ने किसी नेता को मध्यस्थ ही भूमिका नहीं दी है। स्वयं महबूबा ने बातचीत की कमान संभाली है। मुफ्ती मोहम्मद सईद के नेतृत्व में पीडीपी ने भाजपा के साथ गठजोड़ के लिए डॉ. हसीब द्राबू को मध्यस्थ बनाया था।
राम माधव भाजपा की ओर से इस बार भी मध्यस्थ की भूमिका में है। पार्टी नेताओं का कहना है महबूबा चाहती हैं कि भाजपा के साथ एजेंडा आफ एलायंस पर निर्णायक बात हो ताकि टाइम फ्रेम के भीतर एजेंडे को लागू किया जा सके।