उधमपुर में जगह की कमी से रुके कई प्रोजेक्ट
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जिला अस्पताल की जमीन पर करीब तीस वर्ष से बिजली विभाग का रिसीविंग स्टेशन चल रहा है। इसको स्थानांतरित नहीं किए जाने के कारण अस्पताल प्रशासन की परेशानियां बढ़ती जा रही है।
जमीन की सुविधा नहीं होने के कारण अभी तक अस्पताल में पर्याप्त पार्किंग स्थल, मरीजों के बैठने की सुविधा व अन्य कई विकास कार्य शुरू नहीं हो पाए हैं। वहीं रिसीविंग स्टेशन के कारण हमेशा बड़ी दुर्घटना होने की आशंका भी बनी रहती है।
जिला अस्पताल में दिन ब दिन मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी होती जा रही है। वर्तमान समय में जिला अस्पताल की इमारत मरीजों की संख्या के हिसाब से काफी छोटी पड़ चुकी है। पार्किंग व्यवस्था नहीं होने के कारण अस्पताल परिसर पार्किंग स्थल बन चुका है।
अस्पताल प्रशासन और बिजली विभाग के बीच ठनी
जब चर्चा शुरू होती है तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व अस्पताल प्रशासन का कहना होता है कि रिसीविंग स्टेशन के स्थानांतरित होने पर ही जमीन उपलब्ध हो पाएगी और विकास कार्य आगे बढ़ पाएंगे।
वहीं फिर बिजली विभाग के अधिकारी वर्षों से बकाया किराए के मुद्दे को उठाना शुरू कर देते हैं।
रिसीविंग स्टेशन से अस्पताल को खतरा
कई बैठकों पर चर्चा करने के बावजूद न तो आज तक रिसीविंग स्टेशन को स्थानांतरित किया गया है और न ही अस्पताल प्रशासन ने बिजली के करीब 30 लाख रुपये के किराए का भुगतान गया है। जबकि समस्या दोनों तरफ बढ़ती ही जा रही है।
जिला अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डा. चंद्र प्रकाश ने बताया कि रिसीविंग स्टेशन अस्पताल की इमारत के साथ करीब साढ़े तीन कनाल की जमीन पर बना हुआ है।
इससे हमेशा किसी बड़ी दुर्घटना होने की संभावना रहती है। अगर रिसीविंग स्टेशन में कोई घटना होती है तो इससे अस्पताल की इमारत को भी नुकसान पहुंच सकता है। वहीं जमीन खाली होने पर अस्पताल की इमारत का भी विस्तार किया जा सकता है।