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लोकसभा चुनाव: नेशनल कॉन्फ्रेंस ने खोला पत्ता, अनंतनाग-राजोरी सीट से मियां अल्ताफ को बनाया उम्मीदवार

Mon, 01 Apr 2024 04:08 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Mon, 01 Apr 2024 04:08 PM IST
सार

नेशनल कॉन्फ्रेंस ने अनंतनाग राजोरी सीट से मियां अल्ताफ की चुनावी मैदान में उतारने की घोषणा की है। नेकां के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने यह एलान किया।

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lok sabha election: national conference nominates Mian Altaf as Anantnag Rajouri parliamentary seat candidate
नेशनल कॉन्फ्रेंस - फोटो : संवाद

विस्तार

नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) ने कश्मीर घाटी में अपने पहले उम्मीदवार की सोमवार को घोषणा कर दी। पार्टी ने जम्मू-कश्मीर की पांच सीटों में से सबसे हॉट अनंतनाग-राजोरी सीट से मौजूदा सांसद हसनैन मसूदी का टिकट काट कर गुज्जर-पहाड़ी नेता मियां अल्ताफ को मैदान में उतारा है। 

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66 वर्षीय नेता पांच बार विधायक और फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला सरकार में पूर्व मंत्री रहे हैं। मसूदी अनंतनाग सीट से सांसद हैं। जो परिसीमन के बाद अनंतनाग-राजोरी सीट हो गई है।
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नेकां मुख्यालय में पार्टी उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने मियां अल्ताफ समेत अन्य नेताओं की मौजूदगी में नाम की घोषणा करते हुए कहा, मियां अल्ताफ से बेहतर उम्मीदवार इस सीट के लिए कोई दूसरा नहीं हो सकता उन्होंने कभी मजहब, जात, बिरादरी के आधार पर वोट नहीं मांगे।
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मालूम हो कि परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई अनंतनाग-राजोरी संसदीय सीट में परिसीमन के बाद राजोरी और पुंछ को शामिल किया गया। इस सीट पर तीसरे चरण में सात मई को मतदान होना है। इसकी अधिसूचना 12 अप्रैल को जारी होगी और नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 19 अप्रैल होगी।

इंडिया गठबंधन के हिस्से के रूप में नेकां ने कश्मीर घाटी में तीन लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की पहले ही घोषणा कर रखी है। गठबंधन में इनके सहयोगी पीडीपी की भी कश्मीर की तीन लोकसभा सीटों में से दो पर अपने उम्मीदवार उतारने की संभावना है, लेकिन पार्टी ने अभी तक इसकी औपचारिक घोषणा नहीं की है। भाजपा ने भी अभी तक यहां से उम्मीदवार नहीं उतारा है।

1987 से लगातार जीता है गांदरबल से विस चुनाव

मियां अल्ताफ 1987 से लगातार मंत्री और मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले के कंगन से विधायक रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस की टिकट पर पहला चुनाव लड़ा था। बाद में वह नेकां में शामिल हो गए। इनके पिता गुरु मियां बशीर अहमद और दादा मियां निजामुद्दीन भी विधायक और मंत्री रहे थे। 

परिवार ने 1962 के बाद से अब तक कंगन से 10 विधानसभा चुनाव जीते हैं। सबसे पहले मियां निजामुद्दीन ने 1962 का विधानसभा चुनाव जीता। इसके बाद बेटे मियां बशीर अहमद ने चार विस चुनाव जीते। 

बाद में मियां अल्ताफ अहमद ने 1987, 1996, 2002, 2008 और 2014 में जीत प्राप्त की। उनके परदादा बाबा जी साहिब लारवी, उनके दादा मियां निज़ाम उद दीन लारवी और उनके पिता मियां बशीर अहमद लारवी भी कश्मीर में धार्मिक व्यक्ति थे। उनके पिता ने 2017 में उन्हें ''वली-ए-अहेद'' घोषित किया था।

1995 में हुआ था आतंकी हमला

मियां अल्ताफ पर 1995 में आतंकियों ने हमला किया था। हरकत-उल-अंसार (अब जैश-ए-मोहम्मद) के आतंकियों ने एक आईईडी धमाका कर गोलीबारी की थी। घटना के बाद, उन्हें उपचार के लिए हवाई जहाज़ से दिल्ली ले जाया गया और वापस लौटने पर, वह अपने पैतृक गांव में ही रहे।

इस बार हॉट सीट रेहगी अनंतनाग-राजोरी सीट

परिसीमन के बाद पुरानी अनंतनाग सीट अब राजोरी-पुंछ क्षेत्र को मिलाकर अनंतनाग-राजोरी सीट बन चुकी है। पांचों सीटों में यह लोकसभा सीट सबसे हॉट मानी जा रही है। परिसीमन से पहले मुस्लिम बहुल इस सीट पर कांग्रेस हैट्रिक लगा चुकी है। नेकां व पीडीपी भी यहां से कई बार जीत का स्वाद चख चुकी है। 

कभी अनंतनाग लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र जम्मू और कश्मीर के पांच लोकसभा क्षेत्रों में से एक था। मई 2022 में इसका नाम बदलकर अनंतनाग-राजोरी निर्वाचन क्षेत्र कर दिया गया। अगर अनंतनाग सीट की बात करें तो यह हाई प्रोफाइल सीट रही है। यहां से महबूबा मुफ्ती 2014 में सांसद बनीं लेकिन 4 जुलाई 2016 को उनके इस्तीफे से यह सीट खाली हो गई। इस्तीफे के करीब तीन साल तक यहां उपचुनाव नहीं हो पाया।

इस सीट पर चरमपंथ का प्रभाव होने का तर्क देकर चुनाव आयोग ने चुनाव नहीं करवाए। अपने पिता और पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन के बाद महबूबा ने अनंतनाग विधानसभा सीट से चुनाव जीता। बाद में 2019 में इस सीट पर चुनाव हुआ और नेशनल कांफ्रेंस के हसनैन मसूदी ने जीत हासिल की। उन्होंने 40180 वोट हासिल किए थे जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के गुलाम अहमद मीर ने 33504 वोट हासिल किए। पीडीपी मुखिया महबूबा मुफ्ती तीसरे नंबर पर रहीं। 2019 में इस सीट पर कुल 9 प्रतिशत ही मतदान हुआ था। यहां पढ़ें पूरी खबर...

अनंतनाग-राजोरी में तीसरे चरण में 7 मई को होगा मतदान

अनंतनाग-राजोरी निर्वाचन क्षेत्र, जो पीर पंजाल रेंज में फैला हुआ है और इसमें परिसीमन के बाद राजोरी और पुंछ क्षेत्र शामिल हैं। तीसरे चरण में 7 मई को मतदान होगा। अधिसूचना 12 अप्रैल को जारी की जाएगी और 19 अप्रैल नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख होगी. उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तिथि 22 अप्रैल है। जम्मू कश्मीर में किस सीट पर कब होगा मतदान यहां पढ़ें

जम्मू-कश्मीर की पांच लोकसभा सीटों में सबसे निर्णायक अनंतनाग-राजोरी संसदीय सीट रहने वाली है। इस सीट के चुनाव परिणामों पर जहां सबकी नजर रहेगी वहीं इसे जीतने के लिए सब पार्टियां जोर-आजमाइश कर रही हैं। सबसे ज्यादा 9.02 लाख महिला वोटर भी इसी सीट पर हैं। यह एक मात्र सीट है जिसमें जम्मू और कश्मीर संभाग के मतदाता एक साथ वोट डालेंगे।  

अनंतनाग-राजोरी सीट में कुल 183357 वोटर हैं, जिसमें 931289 लाख पुरुष और 902255 महिला वोटर हैं। अनंतनाग सीट हमेशा से मुस्लिम बहुल सीट रही है, लेकिन परिसीमन के बाद इसमें हिंदू वोटर जुड़ा है। ऐसे में इस सीट पर अब जीत हासिल करना राजनीतिक पार्टी विशेषकर (कश्मीर केंद्रित) पार्टियों के लिए आसान नहीं रहेगा। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर...

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