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विकसित भारत के लिए राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों ने प्रयास बढ़ाए : उप राज्यपाल
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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को पटना बिहार में ग्रैंड ट्रंक रोड इनिशिएटिव्स (जीटीआरआई) कॉन्
पीएम के नेतृत्व में भारत ने पिछले दस वर्षों में हर क्षेत्र में विजय और गौरव देखा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि भविष्य की चुनौतियों से निपटने और विकसित भारत में योगदान देने के लिए उद्योगों और कृषि व संबद्ध क्षेत्र को विकसित किया जा रहा है, इसके लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने प्रयास बढ़ाए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने पिछले 10 वर्षों में बहुत आगे की यात्रा की है। हर क्षेत्र ने विजय और गौरव देखा है और एक आशाजनक भविष्य की नींव रखी है। उपराज्यपाल शनिवार को पटना बिहार में ग्रैंड ट्रंक रोड इनिशिएटिव्स (जीटीआरआई) कॉन्क्लेव का उद्घाटन पर बोल रहे थे।
उपराज्यपाल ने कहा कि हमारी अर्थव्यवस्था अभूतपूर्व दर से बढ़ रही है। हम 2027 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल करने के प्रति आश्वस्त हैं। जन-केंद्रित नीतियों का प्रभावी जमीनी कार्यान्वयन देश को इस अमृत काल में ले जाएगा। प्राचीन काल में बिहार को शक्ति, शिक्षा, साहित्य, संस्कृति और भारतीय सभ्यता का उद्गम स्थल माना जाता था। यह हमेशा आध्यात्मिक एकता की भूमि रही है जहां बौद्ध और जैन धर्म का जन्म हुआ। बिहार आर्थिक और सांस्कृतिक पुनरुद्धार देख रहा है और यह औद्योगिक विकास में बड़ी भूमिका निभा सकता है। यह देश के पर्यटन क्षेत्र में परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में विकास के अवसरों पर चर्चा करने और पहचानने और बिहार के समग्र विकास पर विचार-मंथन करने के लिए नीति निर्माताओं, उद्यमियों, नवप्रवर्तकों, प्रभावशाली लोगों और विचारकों को एक साथ लाने के जीटीआरआई के प्रयास की सराहना की। बिहार के कृषि और सेवा क्षेत्र की प्रभावशाली प्रगति के परिणामस्वरूप राज्य देश के समग्र विकास में एक शक्तिशाली खिलाड़ी के रूप में उभरा है। इसमें अपार प्रतिभा है जो भविष्य में मुख्य प्रेरक शक्ति के रूप में काम करेगी। बिहार में स्टार्ट-अप, प्रौद्योगिकी उद्यमों और कृषि आधारित उद्योगों की अपार संभावनाएं हैं। समाज के सभी वर्गों को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए और एक प्रगतिशील राज्य के निर्माण के लिए मिलकर काम करना चाहिए। बिहार के ब्रांड एंबेसडर, युवा उद्यमी, नवप्रवर्तक और रचनात्मक नेटवर्क सांस्कृतिक जागृति को आगे बढ़ा सकते हैं और बिहार के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए एक जीवंत वातावरण बना सकते हैं। उन्होंने बिहार में धार्मिक, पुरातात्विक और सांस्कृतिक पर्यटन का एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने पर जोर दिया। उपराज्यपाल ने बिहार डिस्कोर्स जर्नल के पहले संस्करण और कवि-राजनयिक अभय के द्वारा अनुवादित मगही उपन्यास फूल बहादुर का विमोचन किया।
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जम्मू। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि भविष्य की चुनौतियों से निपटने और विकसित भारत में योगदान देने के लिए उद्योगों और कृषि व संबद्ध क्षेत्र को विकसित किया जा रहा है, इसके लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने प्रयास बढ़ाए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने पिछले 10 वर्षों में बहुत आगे की यात्रा की है। हर क्षेत्र ने विजय और गौरव देखा है और एक आशाजनक भविष्य की नींव रखी है। उपराज्यपाल शनिवार को पटना बिहार में ग्रैंड ट्रंक रोड इनिशिएटिव्स (जीटीआरआई) कॉन्क्लेव का उद्घाटन पर बोल रहे थे।
उपराज्यपाल ने कहा कि हमारी अर्थव्यवस्था अभूतपूर्व दर से बढ़ रही है। हम 2027 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल करने के प्रति आश्वस्त हैं। जन-केंद्रित नीतियों का प्रभावी जमीनी कार्यान्वयन देश को इस अमृत काल में ले जाएगा। प्राचीन काल में बिहार को शक्ति, शिक्षा, साहित्य, संस्कृति और भारतीय सभ्यता का उद्गम स्थल माना जाता था। यह हमेशा आध्यात्मिक एकता की भूमि रही है जहां बौद्ध और जैन धर्म का जन्म हुआ। बिहार आर्थिक और सांस्कृतिक पुनरुद्धार देख रहा है और यह औद्योगिक विकास में बड़ी भूमिका निभा सकता है। यह देश के पर्यटन क्षेत्र में परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में विकास के अवसरों पर चर्चा करने और पहचानने और बिहार के समग्र विकास पर विचार-मंथन करने के लिए नीति निर्माताओं, उद्यमियों, नवप्रवर्तकों, प्रभावशाली लोगों और विचारकों को एक साथ लाने के जीटीआरआई के प्रयास की सराहना की। बिहार के कृषि और सेवा क्षेत्र की प्रभावशाली प्रगति के परिणामस्वरूप राज्य देश के समग्र विकास में एक शक्तिशाली खिलाड़ी के रूप में उभरा है। इसमें अपार प्रतिभा है जो भविष्य में मुख्य प्रेरक शक्ति के रूप में काम करेगी। बिहार में स्टार्ट-अप, प्रौद्योगिकी उद्यमों और कृषि आधारित उद्योगों की अपार संभावनाएं हैं। समाज के सभी वर्गों को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए और एक प्रगतिशील राज्य के निर्माण के लिए मिलकर काम करना चाहिए। बिहार के ब्रांड एंबेसडर, युवा उद्यमी, नवप्रवर्तक और रचनात्मक नेटवर्क सांस्कृतिक जागृति को आगे बढ़ा सकते हैं और बिहार के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए एक जीवंत वातावरण बना सकते हैं। उन्होंने बिहार में धार्मिक, पुरातात्विक और सांस्कृतिक पर्यटन का एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने पर जोर दिया। उपराज्यपाल ने बिहार डिस्कोर्स जर्नल के पहले संस्करण और कवि-राजनयिक अभय के द्वारा अनुवादित मगही उपन्यास फूल बहादुर का विमोचन किया।
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