श्रीनगर में एलजी: जनजातीय समुदायों को मुफ्त परिवहन के साथ ही एंबुलेंस सुविधा मिलेगी, जीआईएस पोर्टल का शुभारंभ
एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि जनजातीय समुदाय को उनके प्रवास के दौरान मुफ्त परिवहन सुविधा उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा उन्हें निशुल्क एंबुलेंस सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि प्रदेश में जनजातीय समुदाय के उत्थान के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। अब जनजातीय छात्रावासों में रहने वाले छात्रों के लिए लॉ20 योजना शुरू की गई है। उन्होंने टीआरआई वूल वेब पोर्टल और मौसमी परिवर्तन करने वाले लोगों के लिए जीआईएस पोर्टल का शुभारंभ करते हुए कहा कि नए वेब पोर्टल में जम्मू-कश्मीर के सभी 4 लाख जनजातीय का डेटा बेस होगा, जो उन्हें किसी भी समय ट्रैक करने में मदद करेगा।
जनजातीय समुदाय को उनके प्रवास के दौरान मुफ्त परिवहन सुविधा उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे एक महीने के बजाय दो दिनों के भीतर अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। उन्हें निशुल्क एंबुलेंस सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं भी स्थापित की जाएंगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि जनजातीय मामलों के संस्थान (टीएआई) को और उन्नत किया जाएगा और युवाओं को जंगलों में जड़ी-बूटियां निकालने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
उपराज्यपाल ने विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए जनजातीय समुदाय के सदस्यों का जम्मू कश्मीर में स्वागत करते हुए कहा कि जनजातीय समुदाय का सांस्कृतिक एकीकरण की भावना को मजबूत करने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण व सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनजातीय महोत्सव समृद्ध जनजातीय सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं का जश्न मनाता है।
इसका उद्देश्य जनजातीय कारीगरों, उद्यमियों को अपने अद्वितीय हस्तशिल्प, वस्त्र, कलाकृतियां और पारंपरिक उत्पादों को बढ़ावा देने का अवसर प्रदान करना है। जनजातीय समुदाय ने देश की समृद्धि के लिए मजबूत नींव रखी है। सदियों से समुदाय ने हमारे सांस्कृतिक लोकाचार को जोड़ने और हमारी जैव विविधता के संरक्षण के लिए एक पुल के रूप में काम किया है।
विकास प्रक्रिया में उनका दृढ़ योगदान हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उपराज्यपाल ने जनजातीय युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाने और समुदाय के सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देने के लिए सरकार के प्रयासों और पहलों को भी साझा किया। कहा कि हम जनजातीय युवाओं के सपनों को समझते हैं और उन्हें हर संभव तरीके से प्रोत्साहित करते हैं ताकि बदलाव के युग में वे किसी से पीछे न रह जाएं।
यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि उन्हें हर लाभ मिले। सिन्हा ने कहा कि आज जनजातीय समुदाय के लिए अवसरों के द्वार खुल रहे हैं। युवाओं और महिलाओं को समान अवसर, आर्थिक और सामाजिक न्याय के अलावा उन्हें सिस्टम में भागीदार बनाएं, यह सरकार का मुख्य उद्देश्य है।
सरकार खरीदेगी जनजातीय समुदाय के उत्पाद
लोगों से जनजातीय समुदाय के सदस्यों द्वारा बनाए गए उत्पादों को खरीदने का आग्रह करते हुए कहा कि हम सरकारी विभागों को जनजाीय कारीगरों द्वारा बनाए गए उत्पादों को खरीदने का भी निर्देश देंगे। उन्होंने नृत्य और संगीत के माध्यम से समृद्ध जनजातीय संस्कृति और विरासत का प्रदर्शन करने के लिए विभिन्न राज्यों के आदिवासी समुदाय के कलाकारों की सराहना की। उन्होंने कारीगरों और उद्यमियों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया और लाभार्थियों को स्मार्ट उपकरण भी सौंपे।
भेड़पालन से जुड़े परिवारों के लिए कई योजनाएं
जनजातीय कार्य विभाग के सचिव डॉ. शाहिद इकबाल चौधरी ने प्रदेश में जनजातीय समुदाय के कल्याण के लिए प्रशासन द्वारा की गई पहलों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।कहा कि जनजातीय कार्य विभाग जोधपुर स्थित केंद्रीय ऊन विकास बोर्ड के सहयोग से भेड़ पालन से जुड़े परिवारों के लिए कई योजनाएं शुरू कर रहा है।
लॉ 20 योजना के तहत जनजातीय छात्रावासों में रहने वाले कानून के छात्रों को देश के प्रसिद्ध कोचिंग संस्थान द्वारा प्रतिष्ठित परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग प्रदान की जाएगी। जीआईएस पोर्टल प्रवासी जनजातीय आबादी पर नजर रखने में मदद करेगा। जनजातीय कार्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव डॉ. नवल जीत कपूर, विभिन्न राज्यों के सचिव समेत पुलिस-प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे।