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वकीलों ने जेलों में पहुंच मांगा कैदियों का डाटा
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जम्मू। जिला लीगल अथारिटी के आदेश पर वकीलों की टीम मंगलवार को कोट भलवाल की सेंट्रल जेल और अंबफला की जिला जेल पहुंची। इस दौरान एडवोकेट लीना देवी और दीपाली अरोड़ा ने जेल प्रबंधन से कैदियों का डाटा मांगा। गौरतलब है कि कोरोना वायरस के चलते कुछ कैदियों को पैरोल पर छोड़ा जाना है।
जेल प्रबंधन की ओर से वकीलों को जानकारी दी गई कि कैदियों को पैरोल पर छोड़ने की सबसे बड़ी दिक्कत आ रही है कि इनके परिवार बांड भरने के लिए नहीं पहुंच पा रहे। संबंधित जिला उपायुक्तोें की ओर से लगाई गई पाबंदियों की वजह से यह लोग बांड भरने नहीं पहुंच पा रहे। दोनों एडवोकेट ने जिला उपायुक्त जम्मू के कार्यालय में फोन पर बात की। उन्होंने कहा कि वह कैदियों के परिवार को उनका मोबाइल नंबर दें। इन लोगों को बांड भरने की अनुमति दी जाए। एडवोकेट की टीम ने अंडर ट्रायल कैदियों से कहा कि वह पैरोल खत्म होने के बाद जेल प्रबंधन के पास पेश होंगे। जेलों में बंद बीमार कैदियों की सूची भी मांगी गई है। पचास साल से अधिक उम्र वाले कैदियों की दो दिन के भीतर मेडिकल रिपोर्ट के साथ सूची मांगी गई है। वहीं जेल प्रबंधन से कहा गया है कि कोरोना वायरस को लेकर जेलों में हर तरह की सावधानियां बरती जाएं।
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जेल प्रबंधन की ओर से वकीलों को जानकारी दी गई कि कैदियों को पैरोल पर छोड़ने की सबसे बड़ी दिक्कत आ रही है कि इनके परिवार बांड भरने के लिए नहीं पहुंच पा रहे। संबंधित जिला उपायुक्तोें की ओर से लगाई गई पाबंदियों की वजह से यह लोग बांड भरने नहीं पहुंच पा रहे। दोनों एडवोकेट ने जिला उपायुक्त जम्मू के कार्यालय में फोन पर बात की। उन्होंने कहा कि वह कैदियों के परिवार को उनका मोबाइल नंबर दें। इन लोगों को बांड भरने की अनुमति दी जाए। एडवोकेट की टीम ने अंडर ट्रायल कैदियों से कहा कि वह पैरोल खत्म होने के बाद जेल प्रबंधन के पास पेश होंगे। जेलों में बंद बीमार कैदियों की सूची भी मांगी गई है। पचास साल से अधिक उम्र वाले कैदियों की दो दिन के भीतर मेडिकल रिपोर्ट के साथ सूची मांगी गई है। वहीं जेल प्रबंधन से कहा गया है कि कोरोना वायरस को लेकर जेलों में हर तरह की सावधानियां बरती जाएं।
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