बंदूक छोड़ विरोध के दूसरे रास्ते अपनाएं युवाः उमर
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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रियासत के युवाओं से आतंकवाद का रास्ता छोड़कर सरकार के खिलाफ अपना विरोध जताने के लिए अन्य विकल्पों को अपनाने की अपील की है।
उमर ने युवाओं से बंदूक छोड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि आतंकवाद ने बीते दो दशकों से अधिक समय में रियासत को सिर्फ बर्बादी और तबाही ही दी है। इसमें कुछ भी अच्छा नहीं है। न ही रास्ता भटके युवाओं के लिए और न ही सरकार के लिए।
उमर ने कहा कि बीते 25 वर्षों में हुई तबाही हमने अपनी आंखों से देखी है। उमर ने कहा कि अगर इससे हमें कुछ अच्छा हासिल होता तो मैं इसे स्वीकार कर लेता। पर यह स्पष्ट है कि अभी तक इस रास्ते पर चलने वालों को एक भी अच्छी चीज हासिल नहीं हुई।
आतंक का दामन थामने वालों की संख्या घटी
श्रीनगर में एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे उमर ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बातें कहीं। उमर ने कहा कि यह सुखद बात है कि हर साल आतंकवाद का दामन थामने वाले लोगों की संख्या में कमी आ रही है।
उन्होंने कहा कि यह भी सच है कि आतंकवाद के शुरूआती दौर में हमारे कुछ लोगों ने आतंकवाद का दामन थामा था, पर अब यह संख्या लगातार गिरती जा रही है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को मजबूर किया गया था और कुछ को भड़काया गया था।
लेकिन हमारा यह लगातार प्रयास रहेगा कि राह भटके हुए युवाओं को सही दिशा दिखाएं और उन्हें तबाही और बर्बादी के रास्ते पर जाने से रोकें। इस दौरान उन्होंने घाटी के कुछ शिक्षित युवाओं के आतंकी संगठनों में शामिल होने की बात का खंडन करते हुए कहा कि हमारे पास अभी तक ऐसी कोई सूचना नहीं है।