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'लाल' के भगवा होते ही, बदलेंगे सियासी समीकरण

Tue, 26 Aug 2014 12:25 AM IST
Updated Tue, 26 Aug 2014 12:25 AM IST
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lal singh to change political equation

दो मर्तबा विधायक और दो दफा सांसद रह चुके लाल सिंह के भाजपा में शामिल होने से जिले की सियासत में नए समीकरण उभरना लाजमी हो गया है। पूर्व सांसद का कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल होना जिले की सियासत में बड़ी सियासी घटना है जिसके फायदे का गणित भाजपा तो नुकसान का कांग्रेस के लिए सटीक बैठता है।

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तिवारी कांग्रेस की टिकट पर 1996 में बसोहली से चुनाव जीतने वाले लाल सिंह ने लगातार दो दफा बसोहली से जीत दर्ज की। बाद में संसदीय चुनाव लड़ा और जीतकर केंद्रीय राजनीति में प्रवेश किया। इसके अरसे बाद अब जाकर लाल सिंह की राज्य की सियासत में वापसी हुई है।

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लाल स‌िंह से भाजपा को होगा ये फायदा

lal singh to change political equation

चुनावी रणनीति, धुआंधार प्रचार की कुव्वत के साथ साथ मास लीडर की छवि के बूते लाल सिंह भाजपा के मिशन 44 प्लस में अहम योगदान दे सकते हैं। वहीं लाल सिंह जैसे बड़े नेता की भाजपा में इंट्री से पार्टी को मनोवैज्ञानिक रूप से भी अच्छा खासा लाभ मिल सकता है।

इस बीच यदि लाल सिंह की उम्मीदवारी की बात करें तो उनकी कर्मभूमि बसोहली रही है। यही नहीं लाल सिंह की पत्नी कांता चौधरी भी बसोहली से ही एक दफा विधायक रह चुकी हैं। ऐसे में सियासी दंपति को भाजपा में एडजस्ट करना चुनौतीपूर्ण होगा। बहरहाल कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं की बनी बनाई जमीन से भाजपा को लाभ मिलना तय है।

पगड़ी को कभी झुकने नहीं दूंगा: लाल सिंह

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पूरे तामझाम के साथ भाजपा का दामन थामने के बाद पूर्व सांसद लाल सिंह ने पार्टी आला कमान को भरोसा दिलाते हुए कहा कि पार्टी ने पगड़ी पहनाकर उन्हें अपने साथ लिया है। वह वादा करते हैं कि इस पगड़ी को वह कभी झुकने नहीं देंगे। सिंह ने कहा कि राज्य में कई समस्याएं हैं।

खासकर सीमावर्ती इलाकों में लोग पाकिस्तानी गोलीबारी से प्रभावित हैं। पांच पांच मरला भूमि के प्लाट देने का वादा तो किया गया लेकिन लोगों को पुनर्वास के लिए यह सुविधा आज तक नहीं मिल सकी। न रोजगार मिला और ना ही सुरक्षा बलों द्वारा अधिग्रहीत की गई भूमि का मुआवजा।

सिंह ने कहा कि वह सीमावर्ती इलाकों के मसलों को प्राथमिकता से हल करना चाहते हैं। गुज्जर बकरवाल समुदाय के लोगों के खानाबदोश जीवन की दुश्वारियां कम करने पर भी सिंह ने जोर दिया। लाल सिंह ने पंजतीर्थी बहुद्देशीय बिजली परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने परियोजना को मंजूर तो करवाया लेकिन राज्य सरकार ने आज तक उसे शुरू नहीं होने दिया।

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