{"_id":"6646fcd9b2e0b7bbdc0a80f1","slug":"ladakh-lok-sabha-election-sonam-said-bjp-went-back-on-sixth-schedule-promise-will-continue-movement-2024-05-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"लद्दाख: छठी अनुसूची की मांग को भाजपा ने नहीं किया पूरा, मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन- सोनम वांगचुक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लद्दाख: छठी अनुसूची की मांग को भाजपा ने नहीं किया पूरा, मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन- सोनम वांगचुक
Fri, 17 May 2024 12:14 PM IST
kumar गुलशन कुमार
पीटीआई, लद्दाख
पीटीआई, लद्दाख
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Fri, 17 May 2024 12:14 PM IST
सार
सोनम वांगचुक ने लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा, छठी अनुसूची, प्रदेश के अलग लोक सेवा आयोग, लद्दाख में दो संसदीय सीट की मांग को लेकर शून्य से नीचे के तापमान में 21 दिन का अनशन किया था।
विज्ञापन
सोनम वांगचुक (फाइल)
- फोटो : एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रेमन मैग्सेसे पुरस्कार विजेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा कि छठी अनुसूची को लेकर भाजपा ने अपना किया हुआ वादा पूरा नहीं किया। ऐसे में नई केंद्र सरकार के गठन होने के बाद एक बार फिर संघर्ष शुरू करेंगे और मांगें पूर होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
विज्ञापन
इस साल मार्च में लेह सोनम वांगचुक ने लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा, छठी अनुसूची, प्रदेश के अलग लोक सेवा आयोग, लद्दाख में दो संसदीय सीट की मांग को लेकर शून्य से नीचे के तापमान में 21 दिन का अनशन किया। इस दौरान देशभर से उन्हें लोगों का सहयोग प्राप्त हुआ। 26 मार्च को अपना अनशन खत्म करने के बाद वांगचुक ने धरना शुरू किया, जिसे लोकसभा चुनाव के मद्देनजर 10 मई को स्थगित कर दिया गया।
विज्ञापन
इस बीच केंद्र सरकार की ओर से भी इन मुद्दों को लेकर बनाई कमेटी के साथ बातचीत का क्रम जारी रहा। इस कमेटी में कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) और लेह अपेक्स बॉडी (एलएबी) के सदस्य शामिल रहे। इस कमेट की सबकमेटी भी बनाई गई। लेकिन, ये बातचीत किसी उपयुक्त नतीजे तक नहीं पहुंच पाई। वांगचुक का कहना है कि नई सरकार के गठन के बाद वे एक बार फिर लद्दाख के मुद्दों को लेकर मोर्चा खोलेंगे।
विज्ञापन
वांगचुक ने आरोप लगाया, 'एक तरफ जमीन निगमों के पास जा रही है और दूसरी तरफ चीन हमारी हजारों वर्ग किलोमीटर जमीन पर कब्जा कर रहा है। देश के लोगों को हमारा दर्द समझने की जरूरत है। पहाड़ों, ग्लेशियरों और पारिस्थितिकी की रक्षा के लिए छठी अनुसूची आवश्यक है। हालांकि पूरे देश में इसकी आवश्यकता है, पहाड़ अति संवेदनशील हैं।'