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Ladakh Election: क्षेत्रफल में सबसे बड़ा लद्दाख, प्रत्याशी सबसे कम, रोचक मुकाबला, चीन की भी नजर

Thu, 16 May 2024 05:29 PM IST
kumar गुलशन कुमार डॉ. बृजेश कुमार सिंह, जम्मू
डॉ. बृजेश कुमार सिंह, जम्मू Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Thu, 16 May 2024 05:29 PM IST
सार

लेह से भाजपा के ताशी ग्यालसन और कांग्रेस के टी नामग्याल प्रत्याशी हैं तो कारगिल से निर्दल प्रत्याशी के रूप में हाजी हनीफा जान चुनाव मैदान में हैं। हनीफा को कारगिल की नेकां और कांग्रेस के साथ ही कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) का भी समर्थन मिल रहा है।

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Ladakh lok sabha Election : largest in area least number of candidates interesting contest read full news repo
ताशी नामग्याल, हाजी हनीफा जान, टी नामग्याल - फोटो : संवाद

विस्तार

क्षेत्रफल के लिहाज से देश के सबसे बड़ी सीट लद्दाख में सबसे कम प्रत्याशी हैं। लेकिन मुकाबला काफी रोचक है। भाजपा के सामने तीसरी बार सीट बचाने की चुनौती है। तीन प्रत्याशी मुकाबले को त्रिकोणीय बनाए हुए हैं। पहली बार लेह बनाम कारगिल के बीच कांटे की लड़ाई देखने को मिल रही है। 

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लेह से भाजपा के ताशी ग्यालसन और कांग्रेस के टी नामग्याल प्रत्याशी हैं तो कारगिल से निर्दल प्रत्याशी के रूप में हाजी हनीफा जान चुनाव मैदान में हैं। हनीफा को कारगिल की नेकां और कांग्रेस के साथ ही कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) का भी समर्थन मिल रहा है। एलएसी से सटे लद्दाख के चुनाव पर चीन की भी नजर है। 
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सूत्रों के मुताबिक चीन की खुफिया एजेंसियां भी पूरी चुनावी प्रक्रिया का बारीकी से आकलन कर रही है कि किस करवट चुनाव बैठेगा। केडीए की ओर से लद्दाख को छठी अनुसूची में शामिल करने समेत अन्य मांगों को लेकर लेह अपेक्स बॉडी (एलएबी) के साथ आंदोलन किया जा रहा है।

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क्षेत्रफल के लिहाज से लद्दाख सीट 173.266 वर्ग किलोमीटर में हैं। यहां लगभग 1.84 लाख मतदाता हैं। इनमें 95926 मुस्लिम बहुल कारगिल जिले में हैं, जबकि लेह में 88,877 वोटर हैं। लेह से भाजपा व कांग्रेस के प्रत्याशी हैं जबकि कारगिल से एकमात्र निर्दल प्रत्याशी हाजी हनीफा जान मैदान में हैं। 

छह मई को पूरी नेशनल कांफ्रेंस की कारगिल इकाई ने हाजी के समर्थन में इस्तीफा दे दिया था। केडीए की ओर से भी इन्हें समर्थन दिया जा रहा है। इसके साथ ही कांग्रेस की भी यहां राह अलग है। इस वजह से हनीफा भाजपा व कांग्रेस प्रत्याशी के लिए मुश्किलें पैदा कर रहे हैं।

कांग्रेस का छह, नेकां-भाजपा का दो-दो तो निर्दलियों का तीन बार कब्जा

भाजपा ने सांसद जामयांग त्सेरिंग नामग्याल का टिकट काटकर हिल काउंसिल (लेह) के मुख्य कार्यकारी पार्षद-सह-अध्यक्ष ताशी ग्यालसन को इस सीट से मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने त्सेरिंग नामग्याल को अपना उम्मीदवार बनाया है। 

कांग्रेस ने सबसे ज्यादा छह बार यह सीट जीती है और उसने नेकां के साथ हुए समझौते के अनुसार हिल काउंसिल में विपक्ष के नेता त्सेरिंग नामग्याल को मैदान में उतारा था, क्योंकि वे इंडिया ब्लॉक और लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) के सदस्य थे। नेकां ने पहले दो बार सीट जीती है, जबकि निर्दलीय ने इसे तीन बार जीता है। भाजपा भी दो बार इस सीट पर कब्जा कर चुकी है।

भाजपा को थुपस्तान छेवांग ने 2014 में पहली बार दिलाई थी जीत

थुपस्तान छेवांग ने 2014 में पहली बार भाजपा के लिए सीट जीती थी। हालांकि, उन्होंने 2018 में पार्टी की मूल सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और वर्तमान में एलएबी का नेतृत्व कर रहे हैं। 

भाजपा ने 2019 में जामयांग त्सेरिंग नामग्याल को टिकट दिया, जिन्होंने दूसरी बार भाजपा को यहां जीत दिलाई। लेकिन एलएबी तथा केडीए के आंदोलन और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच विरोध के मद्देनजर उनका टिकट काटकर ताशी को प्रत्याशी बनाया गया। शुरू में तो जामयांग ने बगावती तेवर दिखाए, लेकिन बाद में पार्टी नेतृत्व के समझाने पर मान गए और भाजपा प्रत्याशी के लिए प्रचार करने लगे।

पहाड़ी परिषद लेह में भाजपा तो कारगिल में नेकां-कांग्रेस काबिज

अनुच्छेद 370 हटने के बाद लद्दाख को जम्मू-कश्मीर से काटकर केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दे दिया गया। इसके बाद अक्टूबर 2020 और 2023 में एलएएचडीसी के लेह और कारगिल के चुनाव हुए। भाजपा ने लेह पहाड़ी परिषद चुनावों में 15 सीटें जीतकर सत्ता बरकरार रखी, जबकि कारगिल में नेकां-कांग्रेस गठबंधन ने 22 सीटें जीतकर कब्जा कर लिया।

छठी अनुसूची समेत अन्य मांगें हमारे एजेंडे में

छठी अनुसूची समेत अन्य मांगों पर केंद्र सरकार और लद्दाख के नुमाइंदों के बीच रुकी बातचीत को शुरू कराना उनके एजेंडे में है। पार्टी ने इस दिशा में बहुत सारे काम किए हैं। यहां विकास को बढ़ावा दिया है। लद्दाख के बजट में बढ़ोतरी की गई है। अब यहां पर्यटक बढ़े हैं। लोगों के सामाजिक-आर्थिक जीवन में सुधार आया है। - ताशी नामग्याल, भाजपा प्रत्याशी

लद्दाख को छठी अनुसूची देने का वादा किया है

पार्टी ने लद्दाख को छठी अनुसूची देने का वादा किया है। लद्दाख एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस की छठी अनुसूची समेत अन्य मांगों का कांग्रेस समर्थन करती है। यहां की लोगों की आकांक्षाओं को संसद में पुरजोर तरीके से उठाने के वादे के साथ वह मैदान में हैं। - टी नामग्याल, कांग्रेस प्रत्याशी

छठी अनुसूची की मांग पूरी कराने की कोशिश होगी

कारगिल और लेह दोनों की अपनी राजनीतिक आकांक्षाएं हैं। दोनों की अपनी भौगोलिक स्थितियां हैं। कारगिल राजनीतिक प्रतिनिधित्व में पिछड़ा रह गया है। लद्दाख के आम लोगों की आवाज छठी अनुसूची में शामिल करने समेत अन्य मांगों के समर्थन में मैदान में हैं। इसे पूरा कराने की कोशिश होगी। -हाजी हनीफा जान, निर्दलीय

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