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Jammu News: किरु प्रोजेक्ट की ई-टेंडरिंग से संबंधित निर्धारित नियमों का नहीं हुआ था पालन
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2022 से अभी तक पांच बार छापामारी कर चुकी है सीबीआई
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। किश्तवाड़ में 2200 करोड़ रुपये के किरु हाइड्रो इलेक्टि्रक पावर प्रोजेक्ट की फाइलों को मंजूरी देने के लिए पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक को 300 करोड़ रुपये की पेशकश की गई थी। इसमें तत्कालीन चिनाब वैली पावर प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लि. के पूर्व अध्यक्ष आईएएस नवीन चौधरी पर ई-टेंडरिंग से संबंधित निर्धारित नियमों का पालन नहीं करने का आरोप है। मामले में सीबीआई ने 2022 से अब तक पांच बार दबिश दी है।
मलिक के 2018 से अक्तूबर 2019 तक राज्यपाल रहते हुए इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद 2022 में सीबीआई ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी। 2022 में प्रोजेक्ट के सिविल कार्य के लिए अनुबंध देने में भ्रष्टाचार का का मामला उजागर हुआ। 2019 में नवीन कुमार को चिनाब वैली पावर प्रोजेक्ट प्राइवेट लि. का अध्यक्ष बनाया था। अध्यक्ष व बिचौलियों के बीच वित्तीय लेनदेन का शक है। सीबीआई की जम्मू विंग में दर्ज एफआईआर में पटेल इंजी. लि. के अधिकारी को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि परियोजना से संबंधित सिविल कार्यों को देने में ई-टेंडरिंग के दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया गया। ये भी आरोप है कि चिनाब वैली पावर प्रोजेक्ट की 47वीं बोर्ड बैठक में रिवर्स नीलामी के साथ ई-टेंडरिंग से पुन: निवादा का फैसला लिया गया, लेकिन निवादा प्रक्रिया रद्द करने के बाद इसे लागू नहीं किया गया और 47वीं बोर्ड बैठक के निर्णय को 48वीं बोर्ड बैठक में पलट दिया।
सीबीआई ने मामले में 2022 में 21 अप्रैल, 16 जुलाई, 2023, 7 मई, दो दिसंबर 2024 में 22 फरवरी को छापेमारी की। इसमें कैश डिपॉजिट, एफडी में निवेश, अलग-अलग शहराें में संपत्ति में निवेश और डिजिटल-डॉक्यूमेंट्री सबूत जुटाए गए हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। किश्तवाड़ में 2200 करोड़ रुपये के किरु हाइड्रो इलेक्टि्रक पावर प्रोजेक्ट की फाइलों को मंजूरी देने के लिए पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक को 300 करोड़ रुपये की पेशकश की गई थी। इसमें तत्कालीन चिनाब वैली पावर प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लि. के पूर्व अध्यक्ष आईएएस नवीन चौधरी पर ई-टेंडरिंग से संबंधित निर्धारित नियमों का पालन नहीं करने का आरोप है। मामले में सीबीआई ने 2022 से अब तक पांच बार दबिश दी है।
मलिक के 2018 से अक्तूबर 2019 तक राज्यपाल रहते हुए इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद 2022 में सीबीआई ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी। 2022 में प्रोजेक्ट के सिविल कार्य के लिए अनुबंध देने में भ्रष्टाचार का का मामला उजागर हुआ। 2019 में नवीन कुमार को चिनाब वैली पावर प्रोजेक्ट प्राइवेट लि. का अध्यक्ष बनाया था। अध्यक्ष व बिचौलियों के बीच वित्तीय लेनदेन का शक है। सीबीआई की जम्मू विंग में दर्ज एफआईआर में पटेल इंजी. लि. के अधिकारी को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि परियोजना से संबंधित सिविल कार्यों को देने में ई-टेंडरिंग के दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया गया। ये भी आरोप है कि चिनाब वैली पावर प्रोजेक्ट की 47वीं बोर्ड बैठक में रिवर्स नीलामी के साथ ई-टेंडरिंग से पुन: निवादा का फैसला लिया गया, लेकिन निवादा प्रक्रिया रद्द करने के बाद इसे लागू नहीं किया गया और 47वीं बोर्ड बैठक के निर्णय को 48वीं बोर्ड बैठक में पलट दिया।
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सीबीआई ने मामले में 2022 में 21 अप्रैल, 16 जुलाई, 2023, 7 मई, दो दिसंबर 2024 में 22 फरवरी को छापेमारी की। इसमें कैश डिपॉजिट, एफडी में निवेश, अलग-अलग शहराें में संपत्ति में निवेश और डिजिटल-डॉक्यूमेंट्री सबूत जुटाए गए हैं।
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