{"_id":"5b239e9e4f1c1ba76e8b7ec1","slug":"kidnapping-of-army-man-aurangzeb-from-pulwama-in-film-style-with-pre-planing","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीरः फिल्मी अंदाज में हुआ था औरंगजेब का अपहरण, मुखबिरी की भी आशंका ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीरः फिल्मी अंदाज में हुआ था औरंगजेब का अपहरण, मुखबिरी की भी आशंका
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Fri, 15 Jun 2018 07:43 PM IST
विज्ञापन
शहीद जवान औरंगजेब
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आतंकियों ने सेना के जवान औरंगजेब की अपहरण के बाद हत्या की घटना को जिस अंदाज से अंजाम दिया है, उसे देख कर यही लगता है कि जवान की सुबह से हर गतिविधि की मुखबिरी की जा रही थी। आशंका तो यह भी जताई जा रही है कि आतंकियों ने इसके लिए पहले से ही प्लान तैयार कर रखा था।
विज्ञापन
देर थी तो बस सही मौके की। मौका मिलते ही आतंकियों ने बिल्कुल फिल्मी अंदाज में वारदात को अंजाम दिया। मेजर शुक्ला की टीम में औरंगजेब की पहचान एक तेज तर्रार जवान की थी। बता दें कि ऑपरेशन समीर टाइगर के हीरो रहे औरंगजेब को आतंकियों ने वीरवार को अपहरण कर उसकी निर्मम तरीके से हत्या कर दी।
विज्ञापन
उसका शव अपहरण वाले स्थान से लगभग आठ किलोमीटर दूर गुसू गांव से घटना के लगभग 12 घंटे बाद बरामद किया गया। शव गोलियों से छलनी तथा चेहरा क्षत विक्षत था। ऐसा माना जा रहा है कि गोलियां मारने के बाद पत्थर से उसके चेहरे को कुचला गया है।
विज्ञापन
घटना के बाद पुलवामा जिले के हर गांव में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। खासकर आतंकियों के घर में गहन छानबीन की गई। आतंकी समीर को ढेर करने वाले मेजर शुक्ला की टीम में पुंछ का यह बहादुर जवान शामिल था, जिसने कई बड़े ऑपरेशनों को अंजाम दिया था।
सेना की 44 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) का जवान औरंगजेब पुंछ के सबलारी सलानी मेंढर का रहने वाला था। वीरवार को अपने यूनिट से छुट्टी पर निकला था। शादीमर्ग में स्थित 44 आरआर के कैंप के बाहर उसके साथी ने एक प्राइवेट गाड़ी को हाथ दिया और ड्राइवर से औरंगजेब को शोपियां तक छोड़ने के लिए कहा।
पुलवामा जिले के कलमपोरा इलाके के पास सुबह लगभग 10 बजे यह गाड़ी पहुंची तो 2 से 3 हथियारबंद आतंकियों ने गाड़ी को रोका और जवान को अगवा कर साथ लेते गए। जिसके बाद उनकी हत्या कर दी गई।