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खुलासा: लश्कर कमांडर की मदद करता था खालिद

Wed, 15 Apr 2015 10:06 AM IST
Updated Wed, 15 Apr 2015 10:06 AM IST
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khalid was helping lashkar commander says army

दक्षिणी कश्मीर के त्राल में हुई मौत पर स्थानीय लोगों और परिवार वालों के बयानों का खंडन करते हुए सेना ने मंगलवार को बताया कि खालिद मुजफ्फर वानी आम नागरिक नहीं था, वह ओवर ग्राउंड वर्करों की सूची में शामिल था। सेना के अनुसार खालिद अपने भाई बुरहान की गतिविधियों में उसका साथ देता था। उन्होंने बताया कि बुरहान दक्षिणी कश्मीर का एक सक्रिय कमांडर है और खालिद उसका करीबी था।

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खालिद ने तीन अन्य दोस्तों को पिकनिक जाने के नाम पर बहकाया था। उसका मंसूबा उन्हें आतंकियों के गिरोह में शामिल कराना था, जिसका नेतृत्व उसका भाई बुरहान कर रहा था। एक सैन्य अधिकारी ने बताया कि त्राल की घटना उससे कुछ अलग है, जैसी लोगों द्वारा बयानबाजी की जा रही।
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उन्होंने बताया कि आतंकियों द्वारा पहले सेना के जवानों पर गोलियां चलाईं गईं, जिसमें उनका एक जवान बुरी तरह घायल हो गया। खालिद जिन दोस्तों को साथ लेकर गया था, वह खालिद से दूर खड़े थे, जबकि खालिद बुरहान के साथ कुछ बात कर रहा था। इसी बीच, मुठभेड़ में वह मारा गया।

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शरीर पर गोली के निशान नहीं

khalid was helping lashkar commander says army

अधिकारी के अनुसार घटनास्थल से 2 एके-47 राइफल बरामद हुईं। इनमें से एक जम्मू कश्मीर पुलिस की थी, जिसे आतंकी अगस्त 2014 में त्राल इलाके से लेकर फरार हो गए थे। वहीं, खालिद के पिता मुजफ्फर अहमद ने स्थानीय मीडिया से बात करते हुए कहा कि उसके बेटे के शरीर पर गोली के निशान नहीं थे। उन्होंने बताया कि उसके बेटे की हत्या शारीरिक उत्पीड़न के चलते हुई है।

मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि उनका बेटा खालिद एक कंप्यूटर लैब में काम करता था। उसके दोस्तों ने मिलकर गणेशबल पिकनिक जाने का प्रोग्राम बनाया। पिता के अनुसार जब वह कमला जंगलों में पहुंचे, तो प्यास लगने पर वह पानी की तलाश करने लगे। इस बीच, उन्हें सेना की पेट्रोलिंग पार्टी ने रोका।

खालिद का शिनाख्त कार्ड देखने के बाद यह पता लगा कि वह बुरहान का भाई है, तो उसे बुरी तरह पीटा गया, जिससे वह मर गया। उनके अनुसार खालिद अपने भाई बुरहान के संपर्क में बिलकुल नहीं था, क्योंकि आजकल आतंकी अपनी खबर किसी को नहीं बताते। मामले में आईजी कश्मीर एसजेएम गिलानी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।

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