पाकिस्तानी हैंडलर्स से जुड़ा खान उगलेगा राज: व्हाट्सएप पर पाकिस्तान से मिलते थे निर्देश, जांच एजेंसियों की नजर
कठुआ निवासी राहुल खान पर पाकिस्तानी आतंकी हैंडलर्स के संपर्क में रहकर संवेदनशील जानकारी साझा करने और टेरर फंडिंग में शामिल होने का आरोप है।
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कठुआ निवासी राहुल खान, जो व्हाट्सएप के जरिए सीमा पार बैठे पाकिस्तानी आतंकी हैंडलर्स के सीधे संपर्क में था, अब पुलिस की पूछताछ में कई और अहम राज उगलेगा। देश की संवेदनशील जानकारी दुश्मन देश के साथ साझा करने और आतंकी गतिविधियों के लिए फंडिंग करने के आरोपी राहुल और उसके साथियों की जांच व हिरासत अवधि को अदालत ने 45 दिनों के लिए और बढ़ा दिया है।
जम्मू के तृतीय अतिरिक्त सेशंस जज मदनलाल की अदालत में अतिरिक्त लोक अभियोजक की ओर से यूएपीए की धारा 43-डी के तहत आरोपियों की हिरासत अवधि 90 दिन से आगे बढ़ाने के लिए आवेदन किया गया था, जिसे कोर्ट ने मंजूरी दे दी है। यह संवेदनशील मामला लखनपुर पुलिस स्टेशन में यूएपीए और ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के तहत दर्ज है।
व्हाट्सएप से जुड़े थे तार, परिवार के नाम पर खोले बैंक खाते
इस मामले के मुख्य आरोपी कठुआ निवासी राहुल खान को पुलिस ने 23 मई को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह व्हाट्सएप के माध्यम से पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों के सपंर्क में था और उन्हीं से निर्देश ले रहा था। टेरर फंडिंग के इस नेटवर्क को सुचारू रूप से चलाने के लिए उसने अपनी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर अलग-अलग बैंकों में कई खाते खोल रखे थे।
हरिद्वार में रहने वाली दो महिलाओं को भेजी थीं पासबुक
पाकिस्तानी हैंडलर्स के निर्देशों पर खान ने उत्तराखंड के हरिद्वार की रहने वाली दो महिलाओं सोनम और पूजा को एटीएम कार्ड के साथ बैंक की कुछ पासबुक भेजी थीं।
सोनम और पूजा को गत 24 मई और चार जून को गिरफ्तार किया गया था। उनके पास से जब्त इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को फोरेंसिक जांच और डेटा निकालने के लिए एफएसएल भेजा गया।
पश्चिम बंगाल तक पहुंच चुकी जांच
एफएसएल रिपोर्ट से पाकिस्तानी हैंडलर्स से संपर्क के साथ ही उसके कई बैंकिंग संस्थानों में हुए वित्तीय लेन-देन की जानकारी सामने आई। बैंक खाते पश्चिम बंगाल के रहने हुगली निवासी हसीना बेगम, पश्चिम मिदनापुर निवासी परवीन सुल्ताना और पूर्व मेदिनीपुर निवासी अनंत सामंत के थे।
संदिग्धों से पूछताछ के लिए पश्चिम बंगाल में एक पुलिस टीम भेजी गई। पूछताछ के दौरान संदिग्ध महिलाओं ने जांच में सहयोग नहीं किया, जिसके बाद उन्हें बीती 30 जून और एक जुलाई को गिरफ्तार किया गया। उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर कठुआ लाया गया।
अलग-अलग राज्यों से जुड़े हैं तार
अभियोजन का कहना था कि संदिग्ध और बैंक खाताधारक अलग-अलग राज्यों में हैं। संबंधित स्थानीय पुलिस अधिकारियों की मदद से आगे की जांच की जरूरत है। आरोपी पूजा की एफएसएल रिपोर्ट अभी आनी है। बाकी संदिग्ध का पता लगाने, वित्तीय जांच पूरी करने और संबंधित गवाहों से पूछताछ किए बिना जांच को समय से पहले खत्म करने से अहम सबूत छूट सकते हैं।
वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग से पेश हुए आरोपी : कोर्ट ने रिकॉर्ड में दर्ज प्रविष्टियों को देखकर पाया कि राहुल खान, सोनम और पूजा देवी वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश हुए। यह अलग बात है कि उन्होंने इस आवेदन पर कोई आपत्ति नहीं जताई है।