कठुआ दुष्कर्म मामला: दो दोषियों को पैरोल पर छोड़े जाने से पीड़िता के अभिभावकों को एतराज, बोले, केस को किया जा रहा कमजोर
जम्मू कश्मीर के कठुआ में बच्ची से दुष्कर्म और हत्या मामले में दो दोषियों को पैरोल पर छोड़े जाने से पीड़िता के परिजन आहत है। पीड़िता के पिता ने इस पर हैरत और कड़ी आपत्ति जताई है। कहा कि डर है कि उनके खिलाफ फर्जी मामला बनाकर उन्हें जेल न भेज दिया जाए।
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जम्मू-कश्मीर के कठुआ में बच्ची से दुष्कर्म और हत्या मामले में दो दोषियों को पैरोल पर छोड़े जाने से आहत पीड़िता के पिता ने हैरत और कड़ी आपत्ति जताई है। बच्ची को गोद लेने वाले और जैविक पिता ने कहा कि दोषियों की सजा बढ़ाने के लिए अपील की गई थी, जिस पर अभी तक फैसला नहीं हुआ है। इस बीच सबूतों को मिटाने के दोषी पूर्व सब इंस्पेक्टर आनंद दत्ता और हेड कांस्टेबल तिलक राज की सजा निलंबित कर दोनों को जमानत पर छोड़ दिया गया है। केस को कमजोर किया जा रहा है।
परिजनों ने कहा कि अब सुनने को मिल रहा है कि मामले की सीबीआई जांच होगी। ऐसे में उन्हें डर है कि उनके खिलाफ फर्जी मामला बनाकर उन्हें जेल न भेज दिया जाए। वह रसूखदार नहीं हैं। उन्हें इस बात को लेकर भी शंका है कि क्या कभी हमारे जैसे गरीबों की सुनवाई होगी।
उन्होंने उम्मीद जताई कि इन परिस्थितियों में सुप्रीम कोर्ट उनकी सुनेगा। परिजन बोले, केस को कमजोर करने की कोशिशें की जा रही हैं। अफवाहें चल रही हैं कि केस सीबीआई को देकर नए सिरे से जांच करवाई जाएगी। सभी दोषियों को जमानत मिल जाएगी।
गौरतलब है कि पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इसी माह आनंद दत्ता को 11 माह और तिलक राज को नौ माह के पैरोल पर रिहा किया है। जम्मू-कश्मीर सरकार के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता आरएस चीमा और मनबीर बसरा ने दोषियों को पैरोल देने की याचिका पर एतराज जताते हुए कहा था कि दोषी छूटने पर सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं।