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कश्मीरी सिख बोले: सरकार कर रही सौतेला व्यवहार, हर लाभ से वंचित, विधानसभा चुनाव में उतारेंगे प्रतिनिधि
Thu, 21 Mar 2024 03:38 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Thu, 21 Mar 2024 03:38 PM IST
सार
डीजीपीसी बारामुला के प्रधान ने कहा कि कश्मीर पूरा पहाड़ी क्षेत्र है, यहां के हिंदू, मुस्लिम, सिख सभी को पहाड़ी दर्जा दिया जाना चाहिए था। हाल ही में माइग्रेंट और नॉन-माइग्रेंट जॉब पैकेज आया, उसमें सिखों को बाहर रखा गया। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि क्या कश्मीरी सिखों को तब नौकरियां और अन्य लाभ दिया जाएगा, जब वे पलायन करेंगे।
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प्रेस वार्ता करते हुए कश्मीरी सिख समुदाय के लोग
- फोटो : संवाद
विस्तार
कश्मीरी सिखों ने सरकार पर सौतेले व्यवहार का आरोप लगाया है। कहा कि उन्हें हर लाभ से वंचित रखा जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर बुधवार को कश्मीर संभाग के सभी जिलों की जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों (डीजीपीसी) ने श्रीनगर में स्थित गुरुद्वारा शहीद बुंगा साहिब में बैठक की। इसमें एक फोरम का गठन किया गया, जिसमें सभी डीजीपीसी के सदस्य शामिल होंगे और वे सिखों की समस्याएं सरकार तक पहुंचाएंगे।
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डीजीपीसी बारामुला के प्रधान परमजीत सिंह ने कहा कि फोरम का नाम - ऑल कश्मीर डीजीपीसी को-ऑर्डिनेशन कमेटी रखा गया है। कहा कि, कुछ स्वयंभू प्रतिनिधि बने हुए थे जो केवल अपने फायदे के लिए आगे रहते थे। जम्मू की डीजीपीसी अच्छे से काम कर रही है, लेकिन उन्हें कश्मीर के बुनियादी मसलों का पता नहीं। हाल ही में सरकार ने जो चुनिंदा समुदाय को पहाड़ी का दर्जा दिया है, हमें इस पर रोष है।
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कश्मीर पूरा पहाड़ी क्षेत्र है, यहां के हिंदू, मुस्लिम, सिख सभी को पहाड़ी दर्जा दिया जाना चाहिए था। हाल ही में माइग्रेंट और नॉन-माइग्रेंट जॉब पैकेज आया, उसमें सिखों को बाहर रखा गया। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि क्या कश्मीरी सिखों को तब नौकरियां और अन्य लाभ दिया जाएगा, जब वे पलायन करेंगे।
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परिसीमन में कश्मीरी पंडितों के लिए दो सीटें आरक्षित की गईं, हम उसका स्वागत करते हैं। लेकिन सिखों ने यहां हर उतार-चढ़ाव देखा है और हमें आरक्षित सीटें नहीं मिलीं। परमजीत सिंह ने कहा कि हमारा वोट बैंक भले ही छोटा है, लेकिन विधानसभा चुनावों में थोड़े से वोट भी निर्णायक साबित होते हैं। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा ही हाल रहा तो आने वाले विधानसभा चुनाव में अपना प्रतिनिधि उतारेंगे।