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पंडितों के टाउनशिप को फिलहाल ठंडे बस्ते में डाला

Wed, 29 Apr 2015 09:51 AM IST
Updated Wed, 29 Apr 2015 09:51 AM IST
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kashmiri pandits township issue currently put on hold

अलगाववादियों के विरोध के बाद जम्मू कश्मीर सरकार ने कश्मीरी पंडितों के लिए अलग टाउनशिप का मुद्दा फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया है। इससे पहले रियासत सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को इसके लिए जमीन उपलब्ध कराने का वादा किया था। मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद अब पंडितों को उनके पैतृक स्थानों पर ही बसाने की बात पर जोर दे रहे हैं।

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कश्मीरी पंडितों के समूहों में भी इस मुद्दे पर मतभेद रहा है। पंडितों का एक वर्ग अलग होमलैंड की मांग करता रहा है जबकि समूहों में बसाने की योजना को भी दूसरे समूहों से समर्थन मिलता रहा है। रियासत सरकार फिलहाल इस मुद्दे को छेड़ना नहीं चाहती लिहाजा टाउनशिप के लिए श्रीनगर और अनंतनाग में जमीन तलाशी का काम शुरू नहीं हो पाया।
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सरकार ने संबंधित जिलाधिकारियों को जमीन तलाश के संबंध में कोई निर्देश अबतक नहीं दिया है। कश्मीर पंडितों की वापसी पीडीपी और भाजपा के गठबंधन एजेंडे में शुमार है। गठबंधन एजेंडे के लागू करने के लिए बनी मंत्रिमंडलीय समिति की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से एक दिन पहले ही दिल्ली में मुलाकात हुई है।

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बीच का रास्ता निकालना चाहते हैं मुफ्ती

kashmiri pandits township issue currently put on hold

उस मुलाकात में बाढ़ राहत पैकेज, 2011 की जनगणना के मुताबिक राशन की उपलब्धता, रिफ्यूजियों के वन टाइम सेटलमेंट और बार्डर एरिया में युवकों के लिए विशेष भर्ती अभियान जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। लेकिन कश्मीरी पंडितों की टाउनशिप का मुद्दा बातचीत के एजेंडे में शुमार नहीं था।

दरबार मूव के बाद अब सरकार जम्मू से श्रीनगर चली गई है। इस कारण मुख्यमंत्री मुफ्ती की पहली प्राथमिकता बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत अभियान शुरू करने पर केंद्रित हो गई है। गृह विभाग के सूत्रों के मुताबिक अलग टाउनशिप के लिए अबतक कोई प्रयास शुरू नहीं हुआ है।

पीडीपी के सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री से बातचीत कर बीच का कोई रास्ता निकालना चाहते हैं। अलगावादियों ने टाउनशिप नहीं बनने देने का ऐलान कर रखा है। ऐसे में रियासत सरकार फिलहाल इस मुद्दे को ठंडे बस्ते में ही रखना चाहती है।

पैकज के तहत एक पंडित की ही हुई वापसी

kashmiri pandits township issue currently put on hold

मुफ्ती का तर्क है कि पहले भी अनंतनाग में पंडितों के लिए अलग कालोनियां बनीं लेकिन उससे समस्या का समाधान नहीं हो सका। पहले के स्टैंड से यूटर्न के बाद अब मुफ्ती विश्वास का माहौल बनाकर पंडितों की वापसी उनके पैतृक स्थानों पर करने की बात कर रहे हैं।

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में पंडितों की वापसी के लिए शुरू किए गए पैकेज के तहत सिर्फ एक कश्मीरी पंडित की वापसी हुई। दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले के मट्टन में कश्मीरी पंडित जगदीश चंद्र खार का परिवार पैकेज की सुविधा लेकर वापस आया है।

उन्हें मकान बनाने के लिए साढ़े सात लाख रुपये की मदद मिली। पैकेज के तहत 1800 पंडित युवकों को रोजगार मिला। पांच हजार पंडितों ने पैकेज के तहत वापसी के लिए आवेदन किया था। सूत्रों का कहना है कि वे पैकेज के तहत मदद राशि में बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे हैं। मकान के लिए सहायता राशि बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने का प्रस्ताव केंद्र के पास विचाराधीन है।

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