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कश्मीर पर मंडरा रही दादरी खौफ की छाया

Sun, 11 Oct 2015 09:58 AM IST
Updated Sun, 11 Oct 2015 09:58 AM IST
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kashmir is suffering unrest condition

कश्मीर पर दादरी के खौफ की प्रेतछाया मंडरा रही है। पर्यटन बाजार पहले से ही सुस्त पड़ा था और अब डल झील पर पर्यटकों की चहलकदमी और कम हो गई है। होटलों और गेस्ट हाउसों में पर्यटक कम और दरबार मूव के बाद जम्मू से आए अधिकारियों का जमावड़ा अधिक है।

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श्रीनगर में सियासत गर्म है और जम्मू के गांवों में तनाव पनप रहा है। मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद को फिर भी विश्वास है कि सद्भाव का माहौल कायम हो जाएगा। मुफ्ती ने भाजपा और पीडीपी के मंत्रियों -विधायकों के साथ बैठक कर अमन के लिए कोशिशें तेज करने की अपील की है।
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कश्मीर पिछले साल की बाढ़ के कहर से उबर नहीं पाया है। बाढ़ में डल झील के किनारे से लेकर राजबाग तक के सारे होटलों की पहली मंजिल पानी में डूब गई थी।

मुफ्ती ने कहा- जम्मू और कश्मीर के दिलों को जोड़ना है

kashmir is suffering unrest condition

अब एक साल बाद होटलों और गेस्ट हाउसों को नए सिरे से तैयार कर लिया गया है। पर पीड़ितों के दिलों के गहरे जख्म अब भी नहीं भरे हैं। गुलाम बागनू को शिकायत है कि सरकारी मदद नहीं मिली और जब पर्यटन से कमाई का मौसम आया तो नफरत की सियासत रोजगार को निगलने लगी है।

विधानसभा में बीफ बैन विरोधी विधेयक पर गरमागरमी और विधायक की बीफ पार्टी और पिटाई की घटनाओं से देशी-विदेशी पर्यटकों के प्रोग्राम पर असर पड़ा है। मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद कहते हैं कि बीफ बैन के मुद्दे को तूल नहीं दिया जाना चाहिए।

दादरी की घटना अलग है। अवाम के नुमाइंदों को समाज को जोड़ने की पहल करनी होगी। मुफ्ती कहते हैं कि आजादी के बाद छह दशकों में कश्मीर को पूरे देश से जोड़ने की बात होती रही है लेकिन, श्रीनगर को जम्मू से नहीं जोड़ा जा सका। अब इसकी पहल शुरू हुई है।

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