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Jammu News: छननी में चांद का दीदार, सुहागिनों ने उम्र भर के लिए मांगा पति का साथ
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गांधीनगर के श्री मंगलेश्वर और साईं बाबा मंदिर के साथ राधाकृष्ण मंदिर रानी पार्क में हुई सामूहिक पूजा
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। करवाचौथ पर व्रत रखने के बाद महिलाओं ने शाम को चौथ के चांद की पूजा की। छलनी की ओट से पति को निहारा और उनके हाथ से पानी पीकर व्रत पूरा कर सुहाग की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना की। इस व्रत को लेकर सुहागिनों में सुबह से ही उत्साह रहा।
गांधीनगर स्थित श्री मंगलेश्वर और साईं बाबा मंदिर में शाम को सामूहिक पूजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर पूजा की और कथा सुनी। राधाकृष्ण मंदिर रानी पार्क में भी सामूहिक पूजा हुई। रिहाड़ी कॉलोनी जंजघर और चंडी माता मंदिर लोअर रूपनगर मुट्ठी मोड़ में भी कार्यक्रम हुआ। सुहागिनें कई दिनों से करवाचौथ व्रत की तैयारी में जुटीं थीं। बुधवार को भी बाजारों में खूब रौनक रही। दुकानों के बाहर मेहंदी वालों से हाथों में मेहंदी रचाने के लिए महिलाओं में होड़ मची रही। परेड मार्केट के साथ गांधीनगर, नई बस्ती, कुंजवानी और अन्य बाजार भी गुलजार रहे।
मिठाइयों की दुकानों पर भी भीड़ देखने को मिली। गोल मार्केट में स्थित मिठाइयों की दुकानें हो या फिर जैन बाजार, त्रिकुटा नगर, मिनी मार्केट, कुंजवानी में लोग खरीदारी करते नजर आए। अलग-अलग विभागों में तैनात महिलाओं ने शाम को ड्यूटी के बाद मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना कर कथा सुनी और व्रत पूर्ण किया। कामकाजी महिलाओं ने काम के प्रति निष्ठा दिखाते हुए व्रत को श्रद्धापूर्वक निभाया। पुलिस महकमे या फिर जिले की जिम्मेदारी संभाल रही महिलाओं ने व्रत के साथ-साथ अपने कर्तव्य को बखूबी निभाया।
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अपनी पसंद को भी दें महत्व
करवाचौथ का व्रत मुश्किल क्यों न हो, ड्यूटी पर पहुंचती हैं, क्योंकि हमारा कर्तव्य परिवार के साथ-साथ लोगों की परेशानियों को भी दूर करना है। उनका सभी महिलाओं को यही संदेश है कि सशक्तीकरण पर ध्यान दें, मन की इच्छाओं को पूर्ण करने के लिए सही मार्ग चुनें। कठिनाई जितनी हो, वह भी मन की इच्छा के अनुसार ही इस पर्व को श्रद्धापूर्वक मनाती हैं। मानसिक तनाव को अपने ऊपर हावी न होने दें।
- मनीषा, सहायक आयुक्त, जम्मू
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पति का तोहफा, प्रेरणा बनना है
करवाचौथ का व्रत हो या फिर कोई अन्य त्योहार, सबसे जरूरी है ड्यूटी और इसकी प्रेरणा और कोई बल्कि मेरे पति हैं। उनका मेरे लिए सबसे बड़ा तोहफा हर जगह समर्थन करना है। उनके होने से ही मैं सात दिन 24 घंटे कर्तव्यों का पालन कर लोगों की सुरक्षा कर पाती हूं। मेरा संदेश है कि काम चाहे, छोटा हो या बड़ा नहीं होता बस परिवार के साथ से करोगे तो वो काम कितना भी मुश्किल हो बहुत आराम से हो जाएगा यहीं बात माता पिता को भी याद रखनी चाहिए।
ममता, एसपी सिक्योरिटी, जम्मू
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परिवार का साथ हो तो
आसान हो जाती है राहें
करवाचौथ हमारे लिए आम दिन जैसा ही होता है। हम पूरा दिन लोगों की सुरक्षा और मदद में निकालते हैं। साथ-साथ परिवार को भी पूरा समय देती हैं। ऐसे मौको पर थोड़ी परेशानी जरूर होती है, लेकिन परिवार का साथ हो तो राहें आसान हो जाती हैं। मैं सबको यही संदेश देना चाहूंगी कि जब भी कोई परेशानी परिवार पर आए तो पति-पत्नी मिलकर उसको सुलझाएं, क्योंकि इससे रिश्ते भी सही चलेंगे और प्यार भी बढ़ेगा।
-अनीता कत्याल, डीएसपी, क्राइम ब्रांच जम्मू
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साथ और प्रेम ले जाएगा शिखर पर
करवाचौथ का दिन बहुत खास है, क्योंकि पति ने भी मेरे लिए व्रत रखा है। हमारा चार महीने का बच्चा है, उसके साथ व्रत रखना मुश्किल है, लेकिन पति और परिवार के साथ ने इस काम को भी पूरा किया है। लोगों को हम दोनों सिर्फ यही संदेश देना चाहते हैं कि पति-पत्नी एक-दूसरे का साथ दें तो परेशानियां आड़े नहीं आ सकतीं।
यशिका खजुरिया, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर
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संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। करवाचौथ पर व्रत रखने के बाद महिलाओं ने शाम को चौथ के चांद की पूजा की। छलनी की ओट से पति को निहारा और उनके हाथ से पानी पीकर व्रत पूरा कर सुहाग की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना की। इस व्रत को लेकर सुहागिनों में सुबह से ही उत्साह रहा।
गांधीनगर स्थित श्री मंगलेश्वर और साईं बाबा मंदिर में शाम को सामूहिक पूजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर पूजा की और कथा सुनी। राधाकृष्ण मंदिर रानी पार्क में भी सामूहिक पूजा हुई। रिहाड़ी कॉलोनी जंजघर और चंडी माता मंदिर लोअर रूपनगर मुट्ठी मोड़ में भी कार्यक्रम हुआ। सुहागिनें कई दिनों से करवाचौथ व्रत की तैयारी में जुटीं थीं। बुधवार को भी बाजारों में खूब रौनक रही। दुकानों के बाहर मेहंदी वालों से हाथों में मेहंदी रचाने के लिए महिलाओं में होड़ मची रही। परेड मार्केट के साथ गांधीनगर, नई बस्ती, कुंजवानी और अन्य बाजार भी गुलजार रहे।
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मिठाइयों की दुकानों पर भी भीड़ देखने को मिली। गोल मार्केट में स्थित मिठाइयों की दुकानें हो या फिर जैन बाजार, त्रिकुटा नगर, मिनी मार्केट, कुंजवानी में लोग खरीदारी करते नजर आए। अलग-अलग विभागों में तैनात महिलाओं ने शाम को ड्यूटी के बाद मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना कर कथा सुनी और व्रत पूर्ण किया। कामकाजी महिलाओं ने काम के प्रति निष्ठा दिखाते हुए व्रत को श्रद्धापूर्वक निभाया। पुलिस महकमे या फिर जिले की जिम्मेदारी संभाल रही महिलाओं ने व्रत के साथ-साथ अपने कर्तव्य को बखूबी निभाया।
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करवाचौथ का व्रत मुश्किल क्यों न हो, ड्यूटी पर पहुंचती हैं, क्योंकि हमारा कर्तव्य परिवार के साथ-साथ लोगों की परेशानियों को भी दूर करना है। उनका सभी महिलाओं को यही संदेश है कि सशक्तीकरण पर ध्यान दें, मन की इच्छाओं को पूर्ण करने के लिए सही मार्ग चुनें। कठिनाई जितनी हो, वह भी मन की इच्छा के अनुसार ही इस पर्व को श्रद्धापूर्वक मनाती हैं। मानसिक तनाव को अपने ऊपर हावी न होने दें।
- मनीषा, सहायक आयुक्त, जम्मू
पति का तोहफा, प्रेरणा बनना है
करवाचौथ का व्रत हो या फिर कोई अन्य त्योहार, सबसे जरूरी है ड्यूटी और इसकी प्रेरणा और कोई बल्कि मेरे पति हैं। उनका मेरे लिए सबसे बड़ा तोहफा हर जगह समर्थन करना है। उनके होने से ही मैं सात दिन 24 घंटे कर्तव्यों का पालन कर लोगों की सुरक्षा कर पाती हूं। मेरा संदेश है कि काम चाहे, छोटा हो या बड़ा नहीं होता बस परिवार के साथ से करोगे तो वो काम कितना भी मुश्किल हो बहुत आराम से हो जाएगा यहीं बात माता पिता को भी याद रखनी चाहिए।
ममता, एसपी सिक्योरिटी, जम्मू
परिवार का साथ हो तो
आसान हो जाती है राहें
करवाचौथ हमारे लिए आम दिन जैसा ही होता है। हम पूरा दिन लोगों की सुरक्षा और मदद में निकालते हैं। साथ-साथ परिवार को भी पूरा समय देती हैं। ऐसे मौको पर थोड़ी परेशानी जरूर होती है, लेकिन परिवार का साथ हो तो राहें आसान हो जाती हैं। मैं सबको यही संदेश देना चाहूंगी कि जब भी कोई परेशानी परिवार पर आए तो पति-पत्नी मिलकर उसको सुलझाएं, क्योंकि इससे रिश्ते भी सही चलेंगे और प्यार भी बढ़ेगा।
-अनीता कत्याल, डीएसपी, क्राइम ब्रांच जम्मू
साथ और प्रेम ले जाएगा शिखर पर
करवाचौथ का दिन बहुत खास है, क्योंकि पति ने भी मेरे लिए व्रत रखा है। हमारा चार महीने का बच्चा है, उसके साथ व्रत रखना मुश्किल है, लेकिन पति और परिवार के साथ ने इस काम को भी पूरा किया है। लोगों को हम दोनों सिर्फ यही संदेश देना चाहते हैं कि पति-पत्नी एक-दूसरे का साथ दें तो परेशानियां आड़े नहीं आ सकतीं।
यशिका खजुरिया, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर