दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग ज़िले में रहा कर्फ्यू
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दक्षिणी कश्मीर में ट्रक कंडक्टर ज़ाहिद रसूल भट की मौत को लेकर लगातार पिछले कुछ दिनों से भड़की हिंसा के बाद गुरुवार को इतिहातान तौर पर जिला प्रशासन द्वारा अनंतनाग ज़िले में कर्फ्यू लगाया गया था।
किसी को भी घरों से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई और साथ ही ज़िले में दाखिल होने वाली सभी सड़कों पर कंटीली तारें बिछाई गई थी।
लगातार चौथे दिन भी ज़िले में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई थी और हालातों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए ज़िले के सभी संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे।
चप्पे चप्पे पर सुरक्षाबलों के जवानो को तैनात किया गया था ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके। इसके इलावा ज़िले से गुज़रने वाले श्रीनगर-ज मू राष्ट्रिय राजमार्ग पर भी भारी तैनाती की गई थी। वहीँ ट्रैन सेवाएं भी बारामुल्ला-बनिहाल रेल लाइन पर स्थगित रही।
शोकसभा का किया आयोजन
गौरतलब है कि हुर्रियत (ग) के अध्यक्ष द्वारा बटेंगू अनंतनाग में ज़ाहिद रसूल भट की मौत को लेकर एक शोकसभा का आयोजन करने का प्रोग्राम बनाया था।
जो 9 अक्टूबर को उधमपुर पेट्रोल बम हमले में बुरी तरह घायल हुआ था और 18 अक्टूबर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उसने दम तोडा। इसके इलावा अन्य सभी अलगाववादियों द्वारा इसका समर्थन किया गया था और लोगों से भी ज़ाहिद के रस्म-ए-चाहरुम में शामिल होने की अपील की थी।
वहीँ इसको ध्यान रखते हुए पुलिस द्वारा बुधवार शाम से ही सईद अली शाह गिलानी, मीरवाइज मोलवी उमर फारूक, यासिन मलिक, शबीर अहमद शाह, नईम खान समेत अन्य कईं अलगाववादियों को नज़रबंद रखा गया था।
गुरुवार की सुबह सईद अली शाह गिलानी द्वारा अपने कईं समर्थकों के साथ घर से निकल कर जलूस के रूप में बटेंगू की ओर जैसे ही बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस द्वारा उन्हे हिरासत में ले लिया गया और उन्हे बड़गाम ज़िले के हुमहामा पुलिस थाने ले जाया गया।