JK SI Recruitment Scam: कांस्टेबल रमन उम्मीदवारों के साथ पेपर लेने गया था करनाल, लिए थे 33 लाख, जमानत खारिज
जांच में पता चला है कि आरोपी कांस्टेबल इस घोटाले के प्रमुख कड़ियों में शामिल है। आरोपी ने ही उम्मीदवारों से पैसे लिए। वह उम्मीदवारों को लेकर 26 मार्च, 2022 को हरियाणा के करनाल में गया। यहां से इन लोगों ने लीक हुआ पेपर खरीदा।
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जम्मू-कश्मीर पुलिस के सब इंस्पेक्टर भर्ती घोटाले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इस मामले में गिरफ्तार पुलिस कांस्टेबल रमन शर्मा ने 33 लाख रुपये में बेचे थे और पेपर लेने वालों को अपने साथ खुद करनाल ले गया था। यही नहीं, जिन लोगों से पेपर खरीदा था। उनको आरोपी कांस्टेबल ने 13-14 अप्रैल को जम्मू शहर के एक होटल में अपने पहचान पत्र पर ठहराया था।
यह तमाम जानकारियां तब सामने आईं जब कांस्टेबल ने सीजेएम जम्मू के समक्ष अपनी जमानत याचिका दायर की। इस अर्जी पर सीबीआई वकील ने अपनी दलीलें दीं तो इसमें कई खुलासे हुए। कांस्टेबल रमन दो साल पहले डीजीपी जम्मू-कश्मीर दिलबाग सिंह के कार्यालय में भी कार्यरत रह चुका है।
उस समय वह जम्मू सिक्योरिटी विंग में सिलेक्शन ग्रेड कांस्टेबल के तौर पर तैनात था। वीरवार को इस मामले में संलिप्त कांस्टेबल रमन शर्मा, निवासी मैरा मेंदरियां (अखनूर) की जमानत याचिका को सीजेएम अमरजीत सिंह लंगेह ने खारिज कर दिया। सीबीआई ने इस मामले में जो जानकारी सीजेएम को दी है। उसमें उक्त खुलासे हुए।
आरोपी कांस्टेबल इस घोटाले के सबसे बड़े खिलाड़ियों में से एक है, जिसने उम्मीदवारों से पैसे लिए। वह उम्मीदवारों को लेकर 26 मार्च, 2022 को हरियाणा के करनाल में गया। यहां से इन लोगों ने लीक हुआ पेपर खरीदा। इस पेपर के लिए आरोपी ने उम्मीदवारों से 33 लाख रुपये लिए थे। जेएनएफ
कई उम्मीदवारों के नाम पते लिखे थे
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी कांस्टेबल के घर से हाथ से लिखे कुछ दस्तावेज मिले। जिन पर उम्मीदवारों के नाम और पते लिखे हुए थे। यह भी लिखा हुआ था कि किस उम्मीदवार को किस परीक्षा का पेपर देना है। यह सब आरोपी के घर से बरामद किया गया था।
एफएए, जेई सिविल भर्ती घोटाले में भी शामिल है कांस्टेबल रमन
सीबीआई की जांच में सामने आया है कि आरोपी कांस्टेबल रमन शर्मा फाइनांशियल अकाउंट असिस्टेंट (एफएए) और जेई सिविल की भर्ती घोटाले में भी शामिल है। वह एक कुख्यात घोटालेबाज है और कई भर्तियों में शामिल रहा है। वह चयन सेवा बोर्ड की विभिन्न परीक्षाओं के पेपर को लीक करने में संलिप्त रहा है। इस मामले की जांच में अभी और सबूत जुटाए जा रहे हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने अपना मोबाइल फोन भी तोड़ दिया, ताकि जांच को प्रभावित किया जा सके। सीजेएम जम्मू अमरजीत सिंह लंगेह ने कहा, आरोपी ने पेपर बेचने वालों के लिए जम्मू में ठहरने का बंदोबस्त किया, प्रति पेपर उम्मीदवारों को बेचने के लिए 12 लाख रुपये का रेट तय किया।
आरोपी अनिल और जतिन के साथ अन्य आरोपियों की बैठक कराई। रमन ने न सिर्फ लीक हुआ पेपर खरीदा बल्कि उम्मीदवारों तक भी पहुंचाया। सीजेएम ने कहा कि याचिकाकर्ता का एक अंतरराज्यीय गिरोह के सरगनाओं के साथ जिस तरह का गठबंधन है।
जो सार्वजनिक सेवाओं में भर्ती के लिए विभिन्न परीक्षाओं के लिए परीक्षा पत्र लीक करने में लिप्त है। इससे साफ होता है कि आरोपी का पैमाना संसाधन, साहस और प्रभावी है, जिसने ऐसा किया। लिहाजा जमानत मिलने पर वह जांच को प्रभावित कर सकता है। लिहाजा इसको जमानत नहीं दी जा सकती। जेएनएफ