कश्मीर के समान ही जम्मू में बनेगा एम्स: लाल सिंह
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जम्मू में एम्स पर चल रहे घमासन के बीच शुक्रवार को रियासत के स्वास्थ्य मंत्री चौधरी लाल सिंह ने स्पष्ट किया कि कश्मीर के समान ही जम्मू में भी एम्स की सुविधाएं मिलेगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने साफ-साफ कश्मीर और जम्मू के लिए सामान सुविधाओं का जिक्र किया है।
लोग अपने तरीके से शब्दों की व्याख्या कर भ्रम पैदा करने और लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। केंद्रीय सरकार ने रियासत के दोनों संभागों में संतुलन बनाए रखने के लिए एम्स की समान सुविधाएं देने की घोषणा कर दी है।
इसका मतलब यह है कि एम्स पर कश्मीर में जितना स्वास्थ्य ढांचा तैयार होगा उतना ही जम्मू में भी होगा। जितना फंड कश्मीर में लगेगा उतना जम्मू में भी लगेगा। यहां तक कश्मीर और जम्मू में अलग-अलग भूमि की निशानदेही भी की जाएगी।
दो एम्स पर स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए
प्रदेश भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री होने के नाते वह जनता को विश्वास दिलाते हैं कि जम्मू और कश्मीर संभाग में एक सामान एम्स की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। दोनों जगह अलग-अलग एम्स निदेशक भी रहेंगे।
उन्होंने कहा कि जम्मू में एम्स को लेकर बेवजह बवाल कर रहे लोगों को अब यह जान लेना चाहिए कि 21 दिसंबर 2005 को केंद्र सरकार ने जम्मू के गवर्नमेंट मेडिकल कालेज को एम्स के स्तर पर अपग्रेड करने का आदेश जारी किया था।
इसके लिए राशि भी जारी हुई थी। उस समय की सरकार में रहे लोगों को इसका जवाब देना चाहिए कि जम्मू में एम्स क्यों नहीं बना। इस अवसर पर विधायक सत शर्मा, राजेश गुप्ता, महासचिव नरेंद्र सिंह और मुनीश शर्मा भी मौजूद रहे।
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री चौधरी लाल सिंह रियासत में दो एम्स को मंजूरी संबंधी पत्रकारों के सवाल का साफ-साफ जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने कहा कि समान सुविधाओं वाले एम्स दोनों संभागों में स्थापित होंगे। जम्मू में एम्स की अधिसूचना पर भी वह जवाब देने से बचे। बस इतना ही कहा कि अधिसूचना भी बाद में जारी हो जाएगी।