नवरात्र के साथ माता की भक्ति के रंगों में डूबेगा मंदिरों का शहर जम्मू
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चैत्र नवरात्र के साथ मंगलवार से पूरा जम्मू शहर महामाई के रंग में डूब जाएगा। महामाई के दरबार में लाखों श्रद्धालु हाजिरी देकर सुख समृद्धि की कामना करेंगे। माता रानी का आशीर्वाद पाकर जीवन को सफल बनाया जाएगा। आस्था के साथ शुभ कार्यों का आगाज होगा। बाजारों में खरीदारों की रौनक लौटेगी। घरों में परिवार की सुख शांति के लिए माता की साख लगाई जाएगी।
नवरात्र में शहर के प्रमुख बावे वाले मंदिर में फूलों की विशेष सजावट की गई है। नवरात्र में दर्शन के लिए खास व्यवस्था रहेगी। माता महाकाली ट्रस्ट के महंत बिट्टा के अनुसार मंगलवार प्रात: चार बजे मां के दरबार को दर्शन के लिए खोला जाएगा।
माता के दर्शन के लिए देर रात से ही भक्तों का पहुंचना शुरू हो जाता है। अधिकांश श्रद्धालु पैदल ही मां का गुणगान करते हुए पहुंचते हैं। मंदिर के द्वार खुलने के साथ ही जय माता दी, बोल बावेया वाली माता तेरी सदा ही जय... के जयघोष की गूंज शुरू हो जाती है।
जम्मू कश्मीर के एकमात्र महाकाली मंदिर में विशेष तैयारियां
मंदिर में स्थानीय श्रद्धालुओं समेत आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में भक्त पहुंचेंगे। इसमें कई भक्त ऐसे रहते हैं जो मन्नत पूरी होने पर जमीन पर लेट कर यहां आते हैं। सूर्य पुत्री तवी किनारे बसे इस मंदिर का निर्माण करीब दो सौ साल पूर्व महाराजा गुलाब सिंह ने कराया था।
जम्मू-कश्मीर में यह एकमात्र महाकाली का मंदिर है, यहां प्राकृतिक पिंडी विराजमान है। मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालु बाग-ए-बाहु के लिए भी आकर्षित होते हैं। शहर के करीब पांच किमी दूरी पर स्थित इस प्रमुख पार्क का निर्माण हजारों साल पहले राजा बहु लोचन ने किया था। नवरात्र के दौरान फूलों की मांग और खपत कई गुणा बढ़ जाएगी। इसके लिए दूसरे क्षेत्रों से फूल मंगवाया जाता है।