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Jammu News: दिशा पंडिता ने रचा इतिहास, स्क्वे गोल्ड जीतकर भारत का परचम लहराया
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मास्को में हुए इंटरनेशनल स्क्वे कप में गोल्ड सहित जीते दो मेडल
कहा, मेरा मकसद महिलाओं को मजबूत और निडर बनाना
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। पुलवामा के कोइल गांव की रहने वाली स्क्वे मार्शल आर्ट खिलाड़ी दिशा पंडिता ने रूस के पोडोस्लिक, मॉस्को में हुए इंटरनेशनल स्क्वे कप में गोल्ड मेडल जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया है। दिशा ने दो अलग-अलग इवेंट्स में एक स्वर्ण और एक रजत पदक अपने नाम किया।
इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ स्क्वे के तहत रूस की स्क्वे फेडरेशन द्वारा आयोजित इस टूर्नामेंट में दुनिया के 19 देशों ने हिस्सा लिया। भारत ने ओवरऑल मेडल टैली में दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि रूस पहले और उज्बेकिस्तान तीसरे स्थान पर रहा। यह दिशा की पहली अंतरराष्ट्रीय सफलता नहीं है।
इससे पहले भी वह स्क्वे वर्ल्ड कप में गोल्ड जीत चुकी हैं और यह उनका छठा अंतरराष्ट्रीय मेडल है। दिशा का सपना है कि वह जम्मू-कश्मीर से और भी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार करें। इसके लिए वह बडगाम के शेखपोरा में ''स्ट्रॉन्ग वेव्स मार्शल आर्ट्स एकेडमी'' चला रही हैं, जहां युवाओं को स्क्वे की ट्रेनिंग देती हैं।
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कोच ग्रैंडमास्टर नाजिर अहमद मीर और माता-पिता को सफलता का श्रेय देते हुए दिशा ने कहा कि मैं चाहती हूं कि महिलाएं आत्मरक्षा में सक्षम हों और समाज में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को खेल के जरिए रोका जा सके।
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कहा, मेरा मकसद महिलाओं को मजबूत और निडर बनाना
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। पुलवामा के कोइल गांव की रहने वाली स्क्वे मार्शल आर्ट खिलाड़ी दिशा पंडिता ने रूस के पोडोस्लिक, मॉस्को में हुए इंटरनेशनल स्क्वे कप में गोल्ड मेडल जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया है। दिशा ने दो अलग-अलग इवेंट्स में एक स्वर्ण और एक रजत पदक अपने नाम किया।
इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ स्क्वे के तहत रूस की स्क्वे फेडरेशन द्वारा आयोजित इस टूर्नामेंट में दुनिया के 19 देशों ने हिस्सा लिया। भारत ने ओवरऑल मेडल टैली में दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि रूस पहले और उज्बेकिस्तान तीसरे स्थान पर रहा। यह दिशा की पहली अंतरराष्ट्रीय सफलता नहीं है।
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इससे पहले भी वह स्क्वे वर्ल्ड कप में गोल्ड जीत चुकी हैं और यह उनका छठा अंतरराष्ट्रीय मेडल है। दिशा का सपना है कि वह जम्मू-कश्मीर से और भी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार करें। इसके लिए वह बडगाम के शेखपोरा में ''स्ट्रॉन्ग वेव्स मार्शल आर्ट्स एकेडमी'' चला रही हैं, जहां युवाओं को स्क्वे की ट्रेनिंग देती हैं।
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कोच ग्रैंडमास्टर नाजिर अहमद मीर और माता-पिता को सफलता का श्रेय देते हुए दिशा ने कहा कि मैं चाहती हूं कि महिलाएं आत्मरक्षा में सक्षम हों और समाज में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को खेल के जरिए रोका जा सके।