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पुंछ: महबूबा मुफ्ती को टोपापीर जाने से रोका, हिरासत में लिया, विरोध में तीन घंटे तक दिया धरना
Sun, 31 Dec 2023 11:24 AM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला नेटवर्क, पुंछ
अमर उजाला नेटवर्क, पुंछ
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Sun, 31 Dec 2023 11:24 AM IST
सार
महबूबा मुफ्ती मुगलरोड के रास्ते पुंछ जिले के प्रवास पर दोपहर को बफलियाज पहुंचीं, जहां से उन्होंने हमले के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मृत तीन लोगों के परिजनों से मिलने के लिए टोपापीर जाने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
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मेहबूबा मुफ्ती नाका तोड़कर पैदल ही टोपी पीर की तरफ आगे बढ़ गई
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पुंछ की देहरा गली में सैन्य वाहनों पर हमले के बाद तीन नागरिकों की संदिग्ध मौत के मामले में परिवार वालों से मिलने टोपापीर गांव जा रही पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को शनिवार को रोक दिया गया। मुगल रोड के रास्ते श्रीनगर से जैसे ही महबूबा बफलियाज पहुंची, तो उन्हें पुलिस ने देहरा गली से आगे बढ़ने नहीं दिया।
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इस पर उन्होंने नाका तोड़ दिया और समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गईं। बाद में महबूबा व उनके समर्थकों को हिरासत में ले लिया गया। फिर उन्होंने लगभग तीन घंटे बाद धरना समाप्त कर दिया और टोपापीर जाना छोड़कर सुरनकोट अस्पताल जाकर घायलों का कुशलक्षेम जाना।
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महबूबा मुफ्ती शनिवार को मुगलरोड के रास्ते पुंछ जिले के प्रवास पर दोपहर को बफलियाज पहुंचीं, जहां से उन्होंने हमले के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मृत तीन लोगों के परिजनों से मिलने के लिए टोपापीर जाने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके विरोध में वह समर्थकों सहित धरने पर बैठ गईं।
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सवा तीन बजे पुलिस ने महबूबा मुफ्ती के साथियों पीडीपी जिला प्रधान मारूफ खान, महासचिव शमीम गनेई, ताजीम डार समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। इसके बाद महबूबा मुफ्ती धरना खत्म कर कड़ी सुरक्षा में सुरनकोट पहुंचीं। यहां पर उपजिला अस्पताल में उपचाराधीन घायलों का हाल जाना।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुझे टोपापीर इसलिए नहीं जाने दिया गया ताकि पोल न खुल जाए। हम वहां मृतकों के परिजनों से मिलकर शोक प्रकट करना चाहते थे। पूछा कि अगर भाजपा अध्यक्ष रविंद्र रैना टोपापीर पालकी से जा सकते हैं तो फिर मुझे क्यों रोका गया। ज्ञात हो कि हमले के बाद तीन नागरिकों सफीर हुसैन, मोहम्मद शौकत, शब्बीर अहमद समेत कई को पूछताछ के लिए सेना ने उठाया था।
बाद में ये तीनों संदिग्ध परिस्थितियों में हमले वाले स्थान के पास मृत मिले थे। पिछले दिनों रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इलाके का दौरा कर मृत नागरिकों के परिवार वालों से मुलाकात की थी। उन्होंने न्याय का भरोसा भी दिलाया था। साथ ही सेना को हिदायत दी थी कि ऐसी चूक नहीं होनी चाहिए। आतंकियों के खात्मे के साथ लोगों का दिल जीतना लक्ष्य होना चाहिए।