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जम्मू के प्रत्येक वार्ड से उठेगा कचरा, नगर निगम खरीदेगा चालीस आटो
Tue, 25 Dec 2018 05:09 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Tue, 25 Dec 2018 05:09 PM IST
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जम्मू शहर के 75 वार्डों में कचरा उठाने के लिए जल्द आटो दौड़ते नजर आएंगे। प्रत्येक वार्ड में कम से कम एक आटो उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके लिए निगम जल्द ही चालीस आटो खरीदने जा रहा है। इस व्यवस्था को आउटसोर्स करने पर भी विचार किया जा रहा है। नए आटो के साथ निगम के पास करीब 80 आटो हो जाएंगे, जो सभी वार्डों में उपलब्ध होंगे।
शहर और आसपास के 75 वार्डों से रोजाना चार सौ मीट्रिक टन से अधिक कचरा निकल रहा है। वर्ष 2007 में जहां 32 वर्ग किलोमीटर से कचरा निकलता था जो 2018 में यह क्षेत्रफल बढ़कर करीब 112 वर्ग किलोमीटर हो गया है। मगर 75 वार्डों की दस लाख से ज्यादा की आबादी पर लगातार बढ़ रहे कचरे को उठाने के लिए सफाई कर्मियों के साथ वाहनों की जरूरत है।
मौजूदा समय में निगम के पास 25 आटो हैं। लेकिन इनमें 20 तक ही काम कर रहे हैं। यह चिन्हित वार्डों तक ही पहुंच रहे हैं, जबकि अन्य वार्डों से कचरा उठाने का जिम्मा सफाई कर्मियों पर है। सफाई कर्मियों की भी कमी से कई जगह लंबे समय तक कचरा बिखरा रहता है। निगम में स्थायी चालकों की भी कमी बनी हुई है।
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आटो की खरीद पर निगम को चालक भी उपलब्ध करवाने होंगे। जिससे दूसरे विकल्प में चालीस आटो को आउटसोर्स लेने पर विचार किया जा रहा है। जिसमें ठेकेदार की ही चालकों और आटो के रखरखाव की जिम्मेदारी रहती है।
डिप्टी मेयर पूर्णिमा शर्मा का कहना है कि चालीस आटो खरीदने के लिए मंजूरी दी गई है। जिसमें अन्य औपचारिकताएं पूरी करने पर काम किया जा रहा है। नए आटो आने से वार्डों में कचरा उठाने में राहत मिलेगी।
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शहर और आसपास के 75 वार्डों से रोजाना चार सौ मीट्रिक टन से अधिक कचरा निकल रहा है। वर्ष 2007 में जहां 32 वर्ग किलोमीटर से कचरा निकलता था जो 2018 में यह क्षेत्रफल बढ़कर करीब 112 वर्ग किलोमीटर हो गया है। मगर 75 वार्डों की दस लाख से ज्यादा की आबादी पर लगातार बढ़ रहे कचरे को उठाने के लिए सफाई कर्मियों के साथ वाहनों की जरूरत है।
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मौजूदा समय में निगम के पास 25 आटो हैं। लेकिन इनमें 20 तक ही काम कर रहे हैं। यह चिन्हित वार्डों तक ही पहुंच रहे हैं, जबकि अन्य वार्डों से कचरा उठाने का जिम्मा सफाई कर्मियों पर है। सफाई कर्मियों की भी कमी से कई जगह लंबे समय तक कचरा बिखरा रहता है। निगम में स्थायी चालकों की भी कमी बनी हुई है।
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आटो की खरीद पर निगम को चालक भी उपलब्ध करवाने होंगे। जिससे दूसरे विकल्प में चालीस आटो को आउटसोर्स लेने पर विचार किया जा रहा है। जिसमें ठेकेदार की ही चालकों और आटो के रखरखाव की जिम्मेदारी रहती है।
डिप्टी मेयर पूर्णिमा शर्मा का कहना है कि चालीस आटो खरीदने के लिए मंजूरी दी गई है। जिसमें अन्य औपचारिकताएं पूरी करने पर काम किया जा रहा है। नए आटो आने से वार्डों में कचरा उठाने में राहत मिलेगी।
शहर से निकलने वाला कचरा
जमा होने वाला कुल कचरा--400 मीट्रिक टन (औसतन, प्रतिदिन)
गलियों से निकलने वाला--50 मीट्रिक टन
होटल/रेस्टोरेंट से-40 मीट्रिक टन
बाजारों से-50 मीट्रिक टन
व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से- 20 मीट्रिक टन
घरों से - 130 मीट्रिक टन
अन्य से 110 मीट्रिक टन
गलियों से निकलने वाला--50 मीट्रिक टन
होटल/रेस्टोरेंट से-40 मीट्रिक टन
बाजारों से-50 मीट्रिक टन
व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से- 20 मीट्रिक टन
घरों से - 130 मीट्रिक टन
अन्य से 110 मीट्रिक टन