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जम्मू-कश्मीर: केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास रोहिंग्याओं का रिकॉर्ड नहीं, आठ माह से 200 से ज्यादा रोहिंग्या जेल में

Wed, 13 Oct 2021 04:34 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: करिश्मा चिब Updated Wed, 13 Oct 2021 04:34 PM IST
सार

बीते आठ माह से रोहिंग्याओं को डिटेंशन सेंटर में रखा गया है, लेकिन इनके बारे केंद्रीय गृह मंत्रालय को कोई जानकारी ही नहीं है। केंद्र के पास जम्मू-कश्मीर की कमान है पर उनके पास रोहिंग्याओं की कोई जानकारी नहीं है।

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Jammu-Kashmir: Union Home Ministry has no record of Rohingyas, more than 200 Rohingyas in jail for eight months
जम्मू के रोहिंग्या - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश पर 200 से ज्यादा रोहिंग्याओं को हीरानगर के डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। लेकिन मंत्रालय के पास रोहिंग्याओं का कोई रिकॉर्ड ही नहीं। प्रदेश के प्रशासनिक, सुरक्षा संबंधी मामलों की कमान केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास है, लेकिन हैरानी की बात है कि उनके पास रोहिंग्याओं का कोई रिकॉर्ड नहीं। ऐसे में सवाल उठता है कि अवैध रूप से रहने वाले रोहिंग्याओं पर कब तक सरकारी पैसा खर्च होता रहेगा।

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जानकारी के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्रालय से आरटीआई के जरिए रोहित चौधरी ने जानकारी मांगी कि प्रदेश में कितने रोहिंग्याओं को हीरानगर जेल में रखा गया है। कब तक इनको जेल में रखा जाएगा, इनके ऊपर अब तक खाने पीने, रहने, मेडिकल व्यवस्था समेत तमाम सुविधाओं पर कितना खर्च किया गया है। इस पर गृह मंत्रालय के जम्मू-कश्मीर मामलों के विभाग ने कोई जवाब नहीं दिया। जवाब में कहा गया कि उनके पास कोई रिकॉर्ड ही नहीं, लिहाजा इस जानकारी को निल माना जाए।
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जानकारी के अनुसार मार्च, 2021 में 200 रोहिंग्या हीरानगर जेल में बने डिटेंशन सेंटर में भेजे गए। कहा गया कि ये लोग अवैध रूप से जम्मू और सांबा क्षेत्र में रह रहे थे। बीते आठ माह से इनको डिटेंशन सेंटर में रखा गया है, लेकिन इनके बारे केंद्रीय गृह मंत्रालय को कोई जानकारी ही नहीं है। बता दें कि यूटी बनने के बाद जम्मू-कश्मीर की कमान केंद्र के पास है, लेकिन केंद्र के पास इसकी कोई जानकारी ही नहीं है।
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यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: अवंतीपोरा में सुरक्षाबल और आतंकियों के बीच मुठभेड़, जैश-ए-मोहम्मद का टॉप कमांडर ढेर

वरिष्ठ एडवोकेट अंकुर शर्मा का कहना है कि रोहिंग्याओं को लेकर सरकार ने अपना स्टैंड साफ करना चाहिए। यदि 200 रोहिंग्या अवैध रूप से रह रहे थे और उनको डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया तो बाकी के क्या वैध तरीके से रह रहे हैं। सरकार को यह भी साफ करना चाहिए कि इनको कब तक रखना है। जम्मू की जनसांख्यिकी बदलाव के लिए रोहिंग्या जम्मू में एक बड़ा खतरा हैं यह एक बेहद गंभीर मामला है, जिस पर जल्द से जल्द कार्रवाई होनी जरूरी है।

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