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जम्मू-कश्मीर: डीडीसी प्रतिनिधियों का बढ़ा रुतबा,अध्यक्ष को अब मेयर के बराबर दर्जा

Wed, 07 Apr 2021 03:21 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: करिश्मा चिब Updated Wed, 07 Apr 2021 03:21 PM IST
सार

  • अध्यक्षों को सांसद-विधायक से ऊपर का प्रोटोकाल मिला, उपाध्यक्ष को सचिव के बराबर रखा
  • जिला विकास परिषद सदस्यों को जिला मजिस्ट्रेट के बराबर दिया प्रोटोकॉल
  • नुमाइंदों के असंतोष जताने पर सरकार ने पूर्ववर्ती नियमों में संशोधन कर नए सिरे से जारी किया प्रोटोकॉल

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Jammu-Kashmir: status of DDC representatives increased, president will now get equal status as mayor
उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा - फोटो : amar ujala

विस्तार

जिला विकास परिषद (डीडीसी) प्रतिनिधियों का संघर्ष रंग लाया है। उनका रुतबा बढ़ गया है। अध्यक्ष को अब मेयर के बराबर दर्जा दिया गया है। प्रोटोकॉल में वे अपने अधिकार क्षेत्रों में सांसद-विधायक से ऊपर होंगे। सरकार ने मंगलवार को पूर्ववर्ती नियमों में संशोधन कर नए सिरे से डीडीसी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व सदस्यों का प्रोटोकॉल जारी किया। रुतबे तथा मानदेय को लेकर डीडीसी प्रतिनिधियों में असंतोष था। उन्होंने इसमें सुधार की मांग की थी।  

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संशोधन के मुताबिक डीडीसी के उपाध्यक्षों अब वरीयता सूची में प्रशासनिक सचिवों व पुलिस महानिरीक्षकों के बराबर रखा गया है, हालांकि उन्हें विधायक के बराबर का दर्जा नहीं मिला है। वे विधायक के बराबर दर्जे की मांग कर रहे थे। प्रोटोकॉल विभाग ने नया वारंट आफ प्रेसिडेंस (पूर्वता अधिपत्र) जारी किया है। इसमें डीडीसी अध्यक्षों को वरीयता क्रम में 19-ए पर रखा गया है, वहीं सांसद 21 और विधायक 23 नंबर पर हैं। इससे पहले जारी हुए वारंट ऑफ प्रेसिडेंस में डीडीसी चेयरमैन को क्रमांक 26 पर रखा गया था, जिसमें वे सांसद और विधायक से नीचे थे।
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वे प्रशासनिक सचिवों, आईजीपी, संभागीय आयुक्तों, भारत सरकार के संयुक्त सचिवों और समकक्ष रैंक के अधिकारियों के बराबर थे। इसी तरह उपाध्यक्ष को पहले क्रमांक 27 पर रखा गया था और अब उन्हें क्रमांक 26 पर रखा गया है। इसके अलावा डीडीसी सदस्यों को जिला मजिस्ट्रेट के बराबर प्रोटोकॉल दिया गया है। उन्हें वरीयता सूची में 28वें नंबर पर ब्रिगेडियर, विभागाध्यक्षों, जिला सत्र न्यायाधीश, ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल के अध्यक्षों, नगर परिषदों के अध्यक्षों के बराबर रखा गया है। सरकार का नया वारंट ऑफ प्रेसिडेंस प्रोटोकॉल विभाग के आयुक्त सचिव तलत परवेज रोहिल्ला की ओर से जारी किया गया है।
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जमीनी स्तर पर लोकतंत्र की मजबूती के लिए फैसला
जम्मू कश्मीर में हाल ही में पहली बार डीडीसी का चुनाव हुआ है। इसमें प्रदेश के सभी बीस जिलों में डीडीसी के निर्वाचित सदस्यों ने चेयरमैन चुने थे। लेकिन डीडीसी नुमाइंदे रुतबे तथा मानदेय को लेकर सड़क पर आ गए थे। उन्होंने प्रोटोकॉल जारी होने के अगले दिन नौ मार्च को कन्वेंशन सेंटर में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में होने वाले प्रशिक्षण शिविर का बहिष्कार कर जोरदार प्रदर्शन किया था। दस मार्च को उन्होंने एलजी प्रशासन के आश्वासन पर आंदोलन स्थगित कर दिया था। बाद में 12 मार्च को राजभवन में मुलाकात में एलजी ने प्रोटोकॉल में सुधार का भरोसा दिया था। उन्होंने कहा था कि थ्री टियर पंचायती राज व्यवस्था में जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

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