गांव में जश्न: एनएसजी में असिस्टेंट कमांडेंट बने राजोरी के सद्दाम, बक्करवाल परिवार से रखते हैं ताल्लुक
बक्करवाल परिवार से ताल्लुक रखने वाले सद्दाम हुसैन आवान करीब 12 वर्ष पहले बीएसएफ में कांस्टेबल भर्ती हुए। अगले 12 साल में कड़ी मेहनत करके सद्दाम ने एनएसजी में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर नियुक्ति हासिल की।
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ब्लैक कैट्स के नाम से जानी जाने वाली देश की सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) में राजोरी के सद्दाम हुसैन असिस्टेंट कमांडेंट बन गए हैं। सद्दाम की इस उपलब्धि से बर्शाला गांव समेत जिले में जश्न का माहौल है।
कोटरंका तहसील के बर्शाला गांव से बक्करवाल परिवार से ताल्लुक रखने वाले सद्दाम हुसैन आवान करीब 12 वर्ष पहले बीएसएफ में कांस्टेबल भर्ती हुए।
अगले 12 साल में कड़ी मेहनत करके सद्दाम ने एनएसजी में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर नियुक्ति हासिल की। सद्दाम के भाई एजाज आवान ने बताया कि पिता का निधन होने के बाद सद्दाम बीएसएफ में भर्ती हुए। सद्दाम सेना में शामिल होकर देश सेवा का जुनून रखते थे।
वर्ष 2015 में बीएसएफ में सब इंस्पेक्टर की परीक्षा पास की, उसके बाद भी अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ी। करीब सात साल की मेहनत के बाद जुलाई 2022 में पूरे भारत की सबसे बड़ी एलीट फोर्स नेशनल सिक्योरिटी गार्ड के असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर दो दिन पूर्व ही नियुक्ति पाई है।
वहीं सद्दाम के एनएसजी में असिस्टेंट कमांडर बनने पर उसके गांव में खुशी का माहौल है। जिले में भी सद्दाम की इस कामयाबी पर खूब चर्चा हो रही है।
शिक्षक बोले, मेहनत से पाया मुकाम
असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर नियुक्त हुए सद्दाम के एक शिक्षक आफताब अहमद ने बताया कि सद्दाम गरीब परिवार से संबंध रखता है। बचपन से ही बड़ा मेहनती रहा। स्कूल के समय से ही अपनी पढ़ाई पर ध्यान देने वाला सद्दाम पहले कांस्टेबल फिर, सब इंस्पेक्टर और अब एनएसजी में असिस्टेंट कमांडेंट पद तक पहुंचा है, जिससे जिले के साथ गांव और स्कूल का भी नाम रोशन हुआ है।