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परिसीमन आयोग ने जिलों, तहसीलों और स्थानीय निकायों के मानचित्र मंगवाए
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर में विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन की प्रक्रिया महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच गई है। प्रदेश के दोनों संभागों से आंकड़ों का पर्याप्त अध्ययन करने के बाद परिसीमन आयोग ने अब जिला स्तर पर प्रशासनिक इकाइयों के मानचित्र भी दिल्ली मंगवा लिए हैं। सभी जिलों से प्रशासन ने परिसीमन आयोग को यह मानचित्र सोमवार को भेज दिए हैं।
सूत्रों ने बताया कि जनसंख्या और क्षेत्रफल के आधार पर विधानसभा क्षेत्रों के निर्धारण का मसौदा तैयार हो गया है। अब विधानसभा क्षेत्रों का मानचित्र के आधार पर सीमांकन किया जाना है। इसी को लेकर आयोग ने तीन बिंदुओं पर मानचित्र मंगवा लिए हैं। इनमें पहला मानचित्र जिलों का मंगवाया गया है, जिसमें तहसील की सीमाएं स्पष्ट रूप से चिह्नित हैं। वहीं जिले में हर तहसील का अलग से मानचित्र शामिल हैं, जिसमें पटवार सर्किल की सीमाएं दर्शाई गई हैं। तीसरा शहरी क्षेत्रों के मानचित्र में नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका के मैप शामिल हैं। इनमें हर वार्ड की अलग से निशानदेही दर्शाई गई है।
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विधानसभा सीटों के सरल सीमांकन का प्रयास
विधानसभा सीटों के सीमांकन को सरलता से अंजाम देने का प्रयास किया जा रहा है। उच्च पदस्थ सूत्र ने बताया कि पूर्ववर्ती विधानसभा क्षेत्र में कई सीमांकन जन सुविधा के अनुरूप नहीं थे। इससे कई दिक्कतें भी आती थीं। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन के बाद नए सिरे से परिसीमन के दौरान प्रयास किया जा रहा है कि सीमांकन को लेकर जहां तक संभव हो सके, जन सुविधा को ध्यान में रखा जाए। पूर्ववर्ती व्यवस्था में कई इलाकों से यह शिकायत रही है कि भौगोलिक रूप से अलग-थलग क्षेत्र भी दो या तीन विधानसभा क्षेत्रों के साथ जोड़े गए हैं।
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सूत्रों ने बताया कि जनसंख्या और क्षेत्रफल के आधार पर विधानसभा क्षेत्रों के निर्धारण का मसौदा तैयार हो गया है। अब विधानसभा क्षेत्रों का मानचित्र के आधार पर सीमांकन किया जाना है। इसी को लेकर आयोग ने तीन बिंदुओं पर मानचित्र मंगवा लिए हैं। इनमें पहला मानचित्र जिलों का मंगवाया गया है, जिसमें तहसील की सीमाएं स्पष्ट रूप से चिह्नित हैं। वहीं जिले में हर तहसील का अलग से मानचित्र शामिल हैं, जिसमें पटवार सर्किल की सीमाएं दर्शाई गई हैं। तीसरा शहरी क्षेत्रों के मानचित्र में नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका के मैप शामिल हैं। इनमें हर वार्ड की अलग से निशानदेही दर्शाई गई है।
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विधानसभा सीटों के सरल सीमांकन का प्रयास
विधानसभा सीटों के सीमांकन को सरलता से अंजाम देने का प्रयास किया जा रहा है। उच्च पदस्थ सूत्र ने बताया कि पूर्ववर्ती विधानसभा क्षेत्र में कई सीमांकन जन सुविधा के अनुरूप नहीं थे। इससे कई दिक्कतें भी आती थीं। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन के बाद नए सिरे से परिसीमन के दौरान प्रयास किया जा रहा है कि सीमांकन को लेकर जहां तक संभव हो सके, जन सुविधा को ध्यान में रखा जाए। पूर्ववर्ती व्यवस्था में कई इलाकों से यह शिकायत रही है कि भौगोलिक रूप से अलग-थलग क्षेत्र भी दो या तीन विधानसभा क्षेत्रों के साथ जोड़े गए हैं।
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