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जम्मू-कश्मीर : केवल मकान मालिक ही नहीं कूड़ा उठाने के लिए किरायेदार भी भरेंगे शुल्क
Sun, 21 Feb 2021 01:00 PM IST
करिश्मा चिब
सतीश वालिया, जम्मू
सतीश वालिया, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Sun, 21 Feb 2021 01:00 PM IST
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जम्मू नगर निगम
- फोटो : सोशल मीडिया
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शहर में अब किराये के मकानों में रह रहे किरायेदारों को भी कचरा शुल्क अदा करना होगा। प्रति किचन के हिसाब से नगर निगम पर्ची काटेगा। इसके बाद कर्मचारियों को पर्ची के बदले में सौ रुपये हर माह देना होगा। इस बारे में नगर निगम ने आदेश जारी कर दिए है, जिन्हें आगामी दिनों में पूरा कराया जाएगा।
नगर निगम के अनुसार घरों का कचरा उठने से शहर के नाले, नालियां और रास्ते साफ रहेंगे। मौजूदा समय में आवासीय घरों में कमरों को किराये पर दिया गया है। आधे से ज्यादा शहर में घरों से कचरा शुल्क आ रहा है, लेकिन किराये पर दिए गए किचन का शुल्क नहीं आ रहा है। नगर निगम के अनुसार शहर में साढ़े तीन लाख से ज्यादा घर हैं। इनमें तीन लाख घरों में कमरे किराये पर दिए गए हैं।
कुछ घरों में पांच से सात किचन यानी कमरे किराये पर चल रहे हैं। ऐसे घरों से केवल 100 रुपये ही शुल्क मिल रहा है। अब कमरों में रह रहे किरायेदारों से भी शुल्क वसूल किया जाएगा। इस पहल से नगर निगम के खाते में 30 करोड़ से ज्यादा आय होगी। इससे पहले आवासीय घरों से शुल्क वसूल किया जा रहा है। अब कामर्शियल घरों में शुल्क लगाया जाएगा।
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मोहल्लों से डंपिंग साइट हटाने की तैयारी
नगर निगम अब शहर के मोहल्लों से डंपिंग साइट को हटाने की तैयारी कर रहा है। जिन मोहल्लों और शहरों में ऑटो के माध्यम से कचरा एकत्रित होगा। इन जगहों में डंपिंग साइट को बंद कर दिया जाएगा। हर मोहल्ले और शहर में डंपिंग साइट हैं। शहर में 500 से ज्यादा डंपिंग साइट हैं। डंपिंग साइट में दिनभर लोग कचरा फेंकते हैं। इस कारण दुर्गंध के कारण भी परेशानी होती है। अब डंपिंग साइटों को धीरे-धीरे बंद किया जाएगा।
यह भी पढ़ें- ऑनलाइन धोखाधड़ी में फेसबुक इंडिया हेड के खिलाफ प्राथमिकी के आदेश
नाले-नालियों के सफाई शुल्क की बात झूठी
नाले-नालियों का सफाई शुल्क वसूलने की अफवाह बाजार में चर्चा का विषय बन गई है। हुआ यूं कि कचरा शुल्क की पर्ची थमाने वाले कर्मचारियों ने लोगों को बताया कि नाली की सफाई के लिए पर्ची काटी गई है। इसके बाद शहर में एक और शुल्क लगाने की अफवाह फैल गई। बाद में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस तरह का कोई शुल्क वसूल नहीं किया जाएगा।
अब नगर निगम किरायेदारों के किचन से भी शुल्क वसूल करेगा। इसी माह से योजना को शुरू कर दिया जाएगा। इससे नगर निगम की आय में बढ़ोतरी होगी। मौजूदा समय में प्रति घर से ही सौ रुपये आ रहा है। लोगों ने अपने घरों में कमरों को किराये पर दे रखा है। - हरिंद्र सिंह, सीटीओ, नगर निगम
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नगर निगम के अनुसार घरों का कचरा उठने से शहर के नाले, नालियां और रास्ते साफ रहेंगे। मौजूदा समय में आवासीय घरों में कमरों को किराये पर दिया गया है। आधे से ज्यादा शहर में घरों से कचरा शुल्क आ रहा है, लेकिन किराये पर दिए गए किचन का शुल्क नहीं आ रहा है। नगर निगम के अनुसार शहर में साढ़े तीन लाख से ज्यादा घर हैं। इनमें तीन लाख घरों में कमरे किराये पर दिए गए हैं।
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कुछ घरों में पांच से सात किचन यानी कमरे किराये पर चल रहे हैं। ऐसे घरों से केवल 100 रुपये ही शुल्क मिल रहा है। अब कमरों में रह रहे किरायेदारों से भी शुल्क वसूल किया जाएगा। इस पहल से नगर निगम के खाते में 30 करोड़ से ज्यादा आय होगी। इससे पहले आवासीय घरों से शुल्क वसूल किया जा रहा है। अब कामर्शियल घरों में शुल्क लगाया जाएगा।
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मोहल्लों से डंपिंग साइट हटाने की तैयारी
नगर निगम अब शहर के मोहल्लों से डंपिंग साइट को हटाने की तैयारी कर रहा है। जिन मोहल्लों और शहरों में ऑटो के माध्यम से कचरा एकत्रित होगा। इन जगहों में डंपिंग साइट को बंद कर दिया जाएगा। हर मोहल्ले और शहर में डंपिंग साइट हैं। शहर में 500 से ज्यादा डंपिंग साइट हैं। डंपिंग साइट में दिनभर लोग कचरा फेंकते हैं। इस कारण दुर्गंध के कारण भी परेशानी होती है। अब डंपिंग साइटों को धीरे-धीरे बंद किया जाएगा।
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नाले-नालियों के सफाई शुल्क की बात झूठी
नाले-नालियों का सफाई शुल्क वसूलने की अफवाह बाजार में चर्चा का विषय बन गई है। हुआ यूं कि कचरा शुल्क की पर्ची थमाने वाले कर्मचारियों ने लोगों को बताया कि नाली की सफाई के लिए पर्ची काटी गई है। इसके बाद शहर में एक और शुल्क लगाने की अफवाह फैल गई। बाद में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस तरह का कोई शुल्क वसूल नहीं किया जाएगा।
अब नगर निगम किरायेदारों के किचन से भी शुल्क वसूल करेगा। इसी माह से योजना को शुरू कर दिया जाएगा। इससे नगर निगम की आय में बढ़ोतरी होगी। मौजूदा समय में प्रति घर से ही सौ रुपये आ रहा है। लोगों ने अपने घरों में कमरों को किराये पर दे रखा है। - हरिंद्र सिंह, सीटीओ, नगर निगम